Kanungo Financiers ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने नतीजों में रेवेन्यू (Revenue) में **79%** की भारी गिरावट और नेट प्रॉफिट (Net Profit) में **95%** की सेंध की घोषणा की है। साथ ही, कंपनी ने अपने स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) के इस्तीफे का भी ऐलान किया है।
Kanungo Financiers को लगा बड़ा झटका: रेवेन्यू और मुनाफे में भारी गिरावट, ऑडिटर ने भी छोड़ा साथ
Kanungo Financiers Ltd ने जून 30, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का सबब बन रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू 79% घटकर सिर्फ ₹10.11 लाख रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹48.25 लाख था। वहीं, नेट प्रॉफिट में 95% की भारी गिरावट आई है और यह ₹0.18 लाख पर आ गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹3.73 लाख था।
पिछले तिमाही से भी बड़ी गिरावट
अगर पिछली तिमाही (मार्च 31, 2026) के नतीजों की बात करें, तो यह गिरावट और भी चौंकाने वाली है। उस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹60.79 लाख और नेट प्रॉफिट ₹38.77 लाख था। इस हिसाब से इस तिमाही में प्रदर्शन में भारी संकुचन देखने को मिला है।
ऑडिटर का इस्तीफा, बढ़ी मुश्किलें
इन खराब नतीजों के बीच, कंपनी ने एक और बड़ा ऐलान किया है। कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर HSK & Co LLP ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ऑडिटर ने जून 30, 2026 तक के वित्तीय नतीजों की समीक्षा की थी। Kanungo Financiers का कहना है कि ऑडिटर के इस्तीफे के पीछे उनके द्वारा बताई गई बातों के अलावा कोई और बड़ी वजह नहीं है।
निवेशकों के लिए क्यों है चिंता की बात?
एक तरफ कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में भारी गिरावट, वहीं दूसरी तरफ ऑडिटर का इस्तीफा - यह दोनों बातें मिलकर निवेशकों के लिए एक चिंताजनक माहौल बना रही हैं। मुनाफे और कमाई में आई यह तेज गिरावट कंपनी के बिजनेस ऑपरेशंस और भविष्य की कमाई क्षमता पर सवाल खड़े करती है। ऑडिटर का इस्तीफा, भले ही किसी खास वजह से न हो, पर अक्सर यह कॉरपोरेट गवर्नेंस या वित्तीय रिपोर्टिंग में कुछ छुपी हुई समस्याओं का संकेत दे सकता है, जिस पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत होगी।
आगे क्या?
अब Kanungo Financiers को जल्द से जल्द एक नया स्टेटुटरी ऑडिटर नियुक्त करना होगा। बाज़ार मैनेजमेंट से यह जानने को उत्सुक रहेगा कि ऑडिटर के इस्तीफे की असल वजह क्या है, और कंपनी अपने प्रदर्शन में आई इस भारी गिरावट को कैसे सुधारेगी। निवेशकों को अगले नतीजों का इंतजार करना होगा, साथ ही नए ऑडिटर की नियुक्ति और मैनेजमेंट की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण पर भी नज़र रखनी होगी।
