Kanungo Financiers ने अपने स्टेट्यूटरी ऑडिटर HSK & Co LLP के इस्तीफे पर सफाई दी है। कंपनी ने साफ किया कि यह फैसला गवर्नेंस की किसी समस्या के कारण नहीं, बल्कि ऑडिटर के वर्कलोड के चलते लिया गया है।
इस्तीफा क्यों हुआ?
स्टेट्यूटरी ऑडिटर HSK & Co LLP ने 14 अगस्त, 2026 को अपना पद छोड़ दिया है। कंपनी ने BSE को दी गई जानकारी में बताया कि ऑडिटर के पास अन्य प्रोफेशनल जिम्मेदारियों का बोझ अधिक था, जिसके कारण वे काम जारी रखने में असमर्थ थे।
निवेशकों के लिए राहत की खबर
अक्सर ऑडिटर का इस्तीफा निवेशकों के बीच डर पैदा करता है, लेकिन इस मामले में HSK & Co LLP ने साफ कर दिया है कि कंपनी के अकाउंट्स या गवर्नेंस को लेकर कोई विवाद नहीं है। किसी भी तरह का अनसुलझा मुद्दा या आपत्ति कंपनी के खिलाफ दर्ज नहीं कराई गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
आगे क्या होगा?
HSK & Co LLP की नियुक्ति 2029 तक के लिए थी, लेकिन समय से पहले इस्तीफा होने के कारण अब बोर्ड को नए ऑडिटर की तलाश करनी होगी। शेयरधारकों को अब कंपनी की ओर से नए ऑडिटर की नियुक्ति की घोषणा का इंतजार करना चाहिए, जिससे फाइनेंशियल रिपोर्टिंग का काम बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
