वित्तीय संकट से जूझ रही KLG Capital Services ने अपना NBFC लाइसेंस RBI को सरेंडर करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने इसे गैर-व्यवहार्य बताते हुए बंद करने का निर्णय लिया है।
लाइसेंस सरेंडर की वजह
KLG Capital Services के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने RBI को अपना NBFC सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन (CoR) सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि निगेटिव नेट वर्थ और जीरो ऑपरेशनल इनकम के चलते उनका मौजूदा बिजनेस मॉडल अब चलाने लायक नहीं रहा है। कंपनी ने इसके साथ ही Registrar of Companies (ROC) से अपनी AGM को 31 दिसंबर 2026 तक टालने की गुहार लगाई है।
ऑपरेशंस पर असर
भले ही कंपनी अपना लाइसेंस सरेंडर कर रही है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि यह 'डिलिस्टिंग' (Delisting) इवेंट नहीं है। इसका मतलब है कि कंपनी एक लिस्टेड एंटिटी बनी रहेगी, लेकिन लेंडिंग (Lending) का मुख्य काम बंद कर दिया जाएगा। कंपनी अपनी फॉर्मल एप्लीकेशन RBI के PRAVAAH पोर्टल के जरिए दाखिल करेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
फिलहाल, कंपनी की ओर से भविष्य के बिजनेस प्लान को लेकर कोई क्लैरिटी नहीं है। यह कदम कंपनी की गहरी वित्तीय समस्याओं और प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है। AGM में देरी होने से ऑडिटर अपॉइंटमेंट और RTA जैसी जरूरी सेवाओं में भी बाधा आ सकती है। भविष्य में RBI का क्या रुख रहता है और कंपनी आगे किस सेक्टर में कदम रखेगी, इस पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।
