KBS India Limited का FY26 में नेट प्रॉफिट घटकर **₹8.76 लाख** रह गया है, जो पिछले साल **₹17.66 लाख** था। कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर ऑडिटर ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिसमें ग्रैच्युटी लायबिलिटी और बंद हो चुकी सब्सिडियरी से जुड़ी बकाया राशि पर चिंता जताई गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर नज़र
KBS India के लिए बीता फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी की कुल आय ₹341.71 लाख दर्ज की गई, जबकि मुनाफे में 50% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
ऑडिटर की दो बड़ी चिंताएं
कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में दो अहम 'क्वालिफिकेशन्स' निकाली हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं:
- ग्रैच्युटी लायबिलिटी: कंपनी ने अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के मुताबिक कर्मचारियों की ग्रैच्युटी देनदारियों का हिसाब नहीं दिखाया है।
- सब्सिडियरी का बकाया: बंद हो चुकी सब्सिडियरी 'KBS Capital Management Singapore Pte Ltd' पर ₹16.7 करोड़ से ज्यादा का लोन और करंट अकाउंट बैलेंस बकाया है, जिसके लिए कोई प्रोविजन नहीं बनाया गया है।
प्रमोटर का कैश इंफ्यूजन
लिक्विडिटी बनाए रखने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी के बोर्ड ने प्रमोटर तुषार शाह को ₹2.50 करोड़ के 2,50,000 प्रेफरेंशियल शेयर (6% नॉन-कन्वर्टिबल रिडीमेबल) जारी करने की मंजूरी दी है। इस कठिन दौर में कैश बचाने के लिए कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
आगे की राह
रेगुलेटरी कम्प्लायंस को लेकर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि कंपनी ने लिस्टिंग फीस और डिपॉजिटरी चार्जेस के भुगतान में देरी की है। अब 18 सितंबर, 2026 को होने वाली 40वीं एजीएम (AGM) पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां शेयरहोल्डर्स इन बकाया राशियों और रेगुलेटरी क्लीयरेंस पर स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।
