Jubilant Pharmova ने **₹2,500 करोड़** तक का कर्ज जुटाने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। कंपनी प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करेगी, जिससे निवेशकों को बिना किसी इक्विटी डाइल्यूशन के फंड जुटाने की फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।
फंड जुटाने की योजना
Jubilant Pharmova लिमिटेड ने ₹2,500 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए पोस्टल बैलट के जरिए शेयरधारकों की अनुमति मांगी है। यह फंड कंपनी नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके जुटाएगी। कंपनी के अनुसार, यह एक 'एनेबलिंग रेजोल्यूशन' है, जो बोर्ड को अगले 12 महीनों में बाजार की स्थितियों के अनुसार कैपिटल जुटाने की फ्लेक्सिबिलिटी देगा।
निवेशकों के लिए राहत की बात
सबसे अहम बात यह है कि ये NCDs नॉन-कन्वर्टिबल होंगे। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (Equity) में कोई डाइल्यूशन नहीं होगा और वोटिंग राइट्स पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, यह पूरी कवायद कंपनी की मौजूदा ₹5,000 करोड़ की बोरिंग लिमिट के भीतर ही होगी।
आगे क्या होगा?
यह फंड कंपनी की कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex), कर्ज को रिफाइनेंस करने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के काम आएगा। इस मामले पर वोटिंग की प्रक्रिया 22 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 20 नवंबर 2026 तक चलेगी। पात्र शेयरधारकों की कट-ऑफ तारीख 9 अक्टूबर 2026 तय की गई है, और नतीजों का ऐलान 24 नवंबर 2026 या उससे पहले किया जाएगा।
