Jubilant Pharmova की सब्सिडियरी Jubilant Generics को GST विभाग से ₹105.5 करोड़ का नोटिस मिला है। कंपनी ने इस दावे को गलत बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।
मामला क्या है?
Jubilant Pharmova Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Jubilant Generics Limited, को रुड़की के CGST डिवीजन से एक शो-कॉज नोटिस (SCN) प्राप्त हुआ है। यह विवाद फाइनेंशियल ईयर 2020-21 और 2021-22 के दौरान लिए गए IGST रिफंड से जुड़ा है। टैक्स अथॉरिटीज का आरोप है कि कंपनी ने Rule 96(10) का उल्लंघन किया है, जो 'एडवांस ऑथराइजेशन' स्कीम के साथ IGST रिफंड के लाभ लेने पर रोक लगाता है।
डिमांड का गणित
नोटिस में कुल ₹105.5 करोड़ की मांग की गई है। इसमें ₹52.75 करोड़ का टैक्स और इतनी ही यानी ₹52.75 करोड़ की पेनल्टी शामिल है। इसके अलावा, विभाग ने ब्याज (Interest) की भी मांग की है, जिसका सटीक आंकड़ा अभी तय नहीं किया गया है।
कंपनी का स्टैंड
Jubilant Pharmova ने इस नोटिस को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मैनेजमेंट ने इसे 'तथ्यात्मक रूप से गलत' और 'कानून की नजर में गलत' (Bad in law) करार दिया है। कंपनी का कहना है कि विभाग ने नोटिस भेजने से पहले तथ्यों की सही जांच या भौतिक सत्यापन (Physical Verification) नहीं किया।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
फिलहाल कंपनी ने साफ कर दिया है कि उन्हें किसी भी बड़े फाइनेंशियल या ऑपरेशनल असर की उम्मीद नहीं है। कंपनी के पास मजबूत लीगल केस है और वे जल्द ही जॉइंट कमिश्नर के सामने अपना जवाब दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। निवेशकों को इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए।
