Jindal Poly Investment and Finance Company ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जहां कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹885.43 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, मुनाफे की इस चमक के बीच कंपनी को SEBI से एक 'शो कॉज नोटिस' भी मिला है, जो गवर्नेंस और डिस्क्लोजर से जुड़ा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
Jindal Poly Investment and Finance Company Limited की 14वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी ने अपनी दमदार ग्रोथ रिपोर्ट पेश की। साल 2025-26 में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹55.64 करोड़ के मुकाबले जबरदस्त उछाल के साथ ₹885.43 करोड़ हो गया है। कंपनी की कुल इनकम भी पिछले साल के ₹31.69 करोड़ से बढ़कर ₹1,036.57 करोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, फिलहाल कंपनी ने किसी भी तरह के डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है।
SEBI का नोटिस और गवर्नेंस रिस्क
मुनाफे के आंकड़े निवेशकों को आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन 27 अप्रैल, 2026 को मिले SEBI के शो कॉज नोटिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। यह मामला 2025-26 ऑडिट साइकिल से पहले के ट्रांजेक्शन और डिस्क्लोजर से जुड़ा है। मैनेजमेंट का कहना है कि अभी तक कोई पेनल्टी या प्रतिबंध नहीं लगा है, लेकिन रेगुलेटरी स्क्रूटनी का जारी रहना सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है। कंपनी फिलहाल इस नोटिस का औपचारिक जवाब तैयार कर रही है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने मैनेजमेंट लेवल पर भी कुछ अहम फैसले लिए हैं:
- घनश्याम दास सिंघल (Ghanshyam Dass Singal) को 11 अगस्त, 2026 से 5 साल के लिए दोबारा मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।
- गीता गिलोत्रा (Geeta Gilotra) 31 जुलाई, 2026 से एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड में शामिल हुई हैं।
- कीर्ति अग्रवाल (Kirty Aggarwal) ने 8 मई, 2026 को बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है।
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा SEBI को दिए जाने वाले जवाब और रेगुलेटर की तरफ से आने वाले अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही तय करेगा कि आगे चलकर गवर्नेंस को लेकर कंपनी की स्थिति क्या रहने वाली है।
