Jhaveri Credits & Capital ने अपनी 32वीं AGM **25 सितंबर, 2026** को बुलाई है। कंपनी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए **₹1,000 करोड़** तक कर्ज लेने की मंजूरी शेयरधारकों से मांगेगी।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर मिला-जुला रहा है। रेवेन्यू बढ़कर ₹111.21 करोड़ पर पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹3.31 करोड़ से गिरकर ₹1.95 करोड़ रह गया है। मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।
नई रणनीति और विस्तार
U R Energy (India) Private Limited के साथ मर्जर के बाद कंपनी अब बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बना रही है। इसी के चलते ₹1,000 करोड़ तक की बोरिंग लिमिट और एसेट मॉर्टगेज की मंजूरी मांगी गई है। कंपनी ने अपनी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को भी बढ़ाकर ₹18.50 करोड़ कर दिया है।
मैनेजमेंट में बदलाव और चुनौतियां
कंपनी में बड़े स्तर पर बदलाव हुए हैं। Ghanshambhai Engineer नए मैनेजिंग डायरेक्टर और Anup Vyas नए CFO बने हैं। हालांकि, कंपनी के लिए एक बड़ा झटका साइबर फ्रॉड रहा, जिसमें डायरेक्टर का रूप धारण कर ₹84.92 लाख का नुकसान किया गया।
निवेशकों के लिए अहम बातें
- डिविडेंड: इस साल कोई डिविडेंड नहीं दिया गया है, क्योंकि मैनेजमेंट प्रॉफिट को बिजनेस में दोबारा निवेश करना चाहता है।
- वारंट कन्वर्जन: कंपनी ने 5,00,000 वारंट्स को ₹285 प्रति शेयर के भाव पर इक्विटी में बदला है।
- रिस्क फैक्टर: मुनाफे में गिरावट और साइबर फ्रॉड के बाद अब बाजार की नजर कंपनी के इंटरनल कंट्रोल और डेट-सर्विसिंग क्षमता पर टिकी है।
