Jayabharat Credit Ltd की 83वीं एनुअल रिपोर्ट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी का कामकाज ठप है और FY 2025-26 में आय शून्य रही है, जबकि कंपनी पर **₹1.07 करोड़** का बड़ा नेट लॉस है।
आर्थिक हालात बेहद खस्ता
कंपनी की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी की कुल आय ₹0.00 रही है, जबकि कंपनी को ₹1.07 करोड़ का नेट लॉस झेलना पड़ा है। कंपनी की कुल एक्युमलेटेड लॉसेस (Accumulated Losses) बढ़कर ₹76.61 करोड़ तक पहुंच चुकी हैं।
क्यों है खतरे में कंपनी का भविष्य?
RBI द्वारा NBFC रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने के बाद से ही कंपनी का मुख्य बिजनेस बंद पड़ा है। आज कंपनी की पूरी साख प्रमोटर्स द्वारा दी गई इंटरेस्ट-फ्री डिपॉजिट्स पर टिकी है। कंपनी की नेट वर्थ ₹61.93 करोड़ नेगेटिव है। ऑडिटर ने भी कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी भविष्य में चलते रहने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमोटर्स का सहारा
कंपनी के पास कमाई का कोई जरिया नहीं है। फिलहाल कंपनी पूरी तरह से Ram Prakash & Co. Private Limited और Bahubali Services Private Limited जैसी प्रमोटर फर्मों द्वारा दी गई इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट्स (₹61.43 करोड़) के दम पर चल रही है।
गवर्नेंस और AGM अपडेट
कंपनी ने अपनी 83वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाई है। इस बैठक में राजीव गुप्ता, अरुण मित्तर और एम के मदान की पुनर्नियुक्ति पर फैसला लिया जाएगा। हाल ही में कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड ऑफिस महाराष्ट्र से बदलकर दिल्ली शिफ्ट किया है।
