Jattashankar Industries ने नॉन-प्रमोटर एंटिटीज़ को **13.05 लाख** कन्वर्टिबल वारंट अलॉट करने की मंजूरी दे दी है। कंपनी को अलॉटीज़ से **₹4.54 करोड़** की दूसरी किश्त मिली है, जिससे कुल जुटाई गई राशि **₹7.54 करोड़** हो गई है।
Jattashankar Industries ने कैसे जुटाए पैसे?
Jattashankar Industries Ltd. के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13,05,000 कन्वर्टिबल वारंट अलॉट करने की मंजूरी दे दी है। ये वारंट नॉन-प्रमोटर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट का हिस्सा हैं। हर एक वारंट को कंपनी के एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है।
हर वारंट का इश्यू प्राइस ₹92 रखा गया है, जिसमें फेस वैल्यू ₹10 पर ₹82 का प्रीमियम शामिल है। कंपनी को अलॉटीज़ से ₹4.54 करोड़ (₹454.02 लाख) की दूसरी किश्त के रूप में फंड्स मिले हैं। यह शुरुआती 25% कंसीडरेशन ₹3.00 करोड़ (₹300.15 लाख) के अतिरिक्त है, जिससे कुल जुटाई गई राशि ₹7.54 करोड़ हो गई है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह अलॉटमेंट और फंड की प्राप्ति Jattashankar Industries की कैपिटल-रेज़िंग रणनीति में प्रगति को दर्शाती है। जुटाए गए फंड का इस्तेमाल बिजनेस ऑपरेशंस और विस्तार के लिए किया जा सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि भविष्य में इन वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदलने से मौजूदा शेयरहोल्डिंग डाइल्यूट होगी।
ये वारंट अलॉटमेंट की तारीख से 18 महीनों की अवधि के लिए वैध हैं। कन्वर्ट करने से पहले होल्डर्स को इश्यू प्राइस का बाकी 75% भुगतान करना होगा।
क्या है जोखिम?
मुख्य जोखिम वारंट्स के कन्वर्ट होने पर इक्विटी डाइल्यूशन की संभावना है। निवेशकों को कंपनी की जुटाई गई धनराशि का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता पर भी नज़र रखनी चाहिए।
