Jana Small Finance Bank के नतीजे आ गए हैं। H1 FY27 में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹176.92 करोड़** से बढ़कर **₹325.60 करोड़** पर पहुंच गया है। बैंक की कुल इनकम भी बढ़कर **₹3,557.11 करोड़** हो गई है।
मुनाफे की रफ्तार
Jana Small Finance Bank ने 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई छमाही के लिए अपने अनऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। बैंक की कुल इनकम में जबरदस्त इजाफा हुआ है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹3,046.30 करोड़ से बढ़कर ₹3,557.11 करोड़ हो गई है। खास बात यह है कि सितंबर तिमाही में ही बैंक ने ₹170.36 करोड़ का मुनाफा कमाया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹74.99 करोड़ था।
एसेट क्वालिटी और कैपिटल एडिक्वेसी
बैंक की मजबूती का अंदाजा इसके कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Basel-II) से लगाया जा सकता है, जो 19.95% पर है, जो भविष्य के विस्तार के लिए एक बेहतर बफर प्रदान करता है। वहीं एसेट क्वालिटी पर नजर डालें तो ग्रॉस NPA रेशियो 2.34% और नेट NPA रेशियो 1.17% रहा है।
ऑडिटर्स की राय
इन नतीजों की समीक्षा संयुक्त वैधानिक ऑडिटर्स, S.R. Batliboi & Associates LLP और Batliboi & Purohit द्वारा की गई है। ऑडिट रिव्यू में सभी स्टेटमेंट्स को मानक अकाउंटिंग प्रिंसिपल्स के अनुरूप पाया गया है और कोई भी नकारात्मक टिप्पणी नहीं की गई है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
नतीजे तो शानदार रहे हैं, लेकिन निवेशकों को आगामी तिमाहियों में एसेट क्वालिटी के आंकड़ों पर नजर रखनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि क्रेडिट पोर्टफोलियो लचीला बना रहे। साथ ही, जैसे-जैसे बैंक अपने लेंडिंग ऑपरेशंस को बढ़ाएगा, कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो की निगरानी भी जरूरी बनी रहेगी।
