Jana Small Finance Bank के FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। बैंक का ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो **23%** बढ़कर **₹36,289 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि प्रोविजनिंग के कारण सालाना प्रॉफिट **₹326 करोड़** रहा है।
कारोबार का विस्तार और मुनाफे पर दबाव
बैंक के प्रदर्शन पर नजर डालें तो बिजनेस स्केल में काफी तेजी देखी गई है। कंपनी का ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो 23% की बढ़त के साथ ₹36,289 करोड़ हो गया है, जबकि टोटल डिपॉजिट्स भी 23% बढ़कर ₹35,784 करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर के दौरान अधिक प्रोविजनिंग करने के चलते नेट प्रॉफिट (PAT) 34.9% गिरकर ₹326 करोड़ रहा।
रिस्क कम करने की रणनीति
बैंक अब अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित बनाने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बैंक का सिक्योर्ड लेंडिंग शेयर बढ़कर 73% हो गया है, जो पिछले साल 70% था। वहीं, ग्रॉस NPA घटकर 2.33% पर आ गया है, जो एसेट क्वालिटी में सुधार का स्पष्ट संकेत है।
मैनेजमेंट का विजन: 'Sprint 9.0'
मैनेजमेंट ने आने वाले साल को 'Sprint 9.0' का नाम दिया है और वे FY27 में प्रॉफिट में 80% की भारी उछाल का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। चौथी तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 7.22% हो गया है, जो बैंक की बढ़ती कार्यक्षमता को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
हालांकि बैंक का लक्ष्य बड़ा है, लेकिन यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस को लेकर हालिया घटनाक्रम और चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों में 80% ग्रोथ का लक्ष्य हासिल करना बैंक के लिए बड़ी चुनौती होगी। निवेशकों को भविष्य में क्रेडिट कॉस्ट ट्रेंड्स और लाइसेंस अपडेट पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
