Jammu & Kashmir Bank: 8,330 करोड़ के टैक्स विवाद से मिलेगी राहत, बैंक उठाएगा बड़ा कदम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jammu & Kashmir Bank: 8,330 करोड़ के टैक्स विवाद से मिलेगी राहत, बैंक उठाएगा बड़ा कदम

Jammu & Kashmir Bank अब अपने ऊपर लगे **₹8,330 करोड़** से ज्यादा के GST डिमांड ऑर्डर्स को रद्द कराने की तैयारी में है। CBIC द्वारा हाल ही में जारी किए गए नए सर्कुलर के बाद बैंक को बड़ी राहत मिली है।

टैक्स के भारी बोझ से मुक्ति की राह

बैंक के सिर से ₹8,330.87 करोड़ के टैक्स का विवाद जल्द खत्म हो सकता है। यह मामला दो अलग-अलग डिमांड ऑर्डर्स से जुड़ा है, जिस पर अब स्पष्टता आ गई है। CBIC के लेटेस्ट सर्कुलर (Circular No: 266/12/2026-GST) ने यह साफ कर दिया है कि फंड ट्रांसफर प्राइसिंग (FTP) के तहत नॉटर्नल इंटरेस्ट पर GST नहीं लगेगा। इससे बैंक की बैलेंस शीट पर लंबे समय से बना बड़ा रिस्क अब कम हो गया है।

क्यों था यह विवाद?

बैंक के खिलाफ ₹8,130.66 करोड़ का ऑर्डर 4 फरवरी, 2025 और ₹200.21 करोड़ का ऑर्डर 23 मार्च, 2026 को जारी किया गया था। टैक्स अधिकारी यह सवाल उठा रहे थे कि क्या बैंक की शाखाओं के बीच आंतरिक फंड ट्रांसफर एक टैक्स योग्य सर्विस है। अब सरकार के नए रुख ने इस कानूनी लड़ाई को बैंक के पक्ष में मोड़ दिया है।

आगे की प्रक्रिया

हालांकि सर्कुलर बैंक के पक्ष में है, लेकिन औपचारिक रूप से इन ऑर्डर्स को रद्द कराने के लिए बैंक को अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के सामने कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निवेशकों को अब कोर्ट के अंतिम फैसले पर नजर रखनी चाहिए, जो इस केस को पूरी तरह बंद कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.