Jammu & Kashmir Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹2,363.47 करोड़** पर पहुंच गया है, जो पिछले साल **₹2,082.46 करोड़** था। हालांकि, बैंक की बढ़ती हुई मुनाफे की रफ्तार के बीच C&AG की ऑडिट रिपोर्ट ने कुछ प्रशासनिक सवालों को भी जन्म दिया है।
मुनाफे में इजाफा और बेहतर एसेट क्वालिटी
बैंक के प्रदर्शन पर नजर डालें तो एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार देखने को मिला है। ग्रॉस NPA (Gross NPAs) पिछले साल के ₹3,604.84 करोड़ से घटकर ₹3,124.84 करोड़ पर आ गए हैं। बैंक की मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ इसके स्टैंडअलोन टोटल इनकम से भी झलकती है, जो ₹14,105.05 करोड़ रही है।
ऑडिट रिपोर्ट और C&AG के सवाल
नतीजों के साथ ही बैंक को 'Comptroller and Auditor General' (C&AG) की ओर से कुछ टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। इन टिप्पणियों में 'Nostro-Mirror' अकाउंट रिकॉन्सिलिएशन और 'Deferred Tax Assets' के खुलासे से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। बैंक ने इन पर अपना बचाव करते हुए स्पष्टीकरण दिया है कि उनकी अकाउंटिंग प्रक्रियाएं सटीक हैं, लेकिन इन सवालों ने प्रशासनिक अनुशासन को लेकर चर्चा छेड़ दी है।
निवेशकों के लिए अहम रिस्क
निवेशकों को बैंक से जुड़ी कानूनी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बैंक पर ₹200.20 करोड़ की GST डिमांड का मामला अभी हाई कोर्ट में लंबित है। इसके अलावा, लद्दाख की केंद्र शासित प्रदेश सरकार के साथ वार्षिक रिपोर्ट फाइलिंग से जुड़ी प्रक्रियात्मक चूक भी सामने आई है, जिसे भविष्य में दुरुस्त करने का भरोसा बैंक मैनेजमेंट ने दिया है।
FY26 के प्रमुख आँकड़े:
- कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹2,367.58 करोड़
- स्टैंडअलोन नेट NPAs: ₹785.13 करोड़
