Jammu & Kashmir Bank अपनी 88वीं AGM में पूंजी जुटाने की योजना बना रहा है। बैंक ने अपना लक्ष्य ₹750 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कर दिया है, ताकि Basel III नॉर्म्स और एसेट ग्रोथ को मजबूती मिल सके।
AGM और पूंजी का गणित
Jammu & Kashmir Bank की 88वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 22 सितंबर 2026 को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित होगी। बैंक का सबसे मुख्य एजेंडा इक्विटी के जरिए ₹1,000 करोड़ जुटाना है।
क्यों बढ़ाया लक्ष्य?
बैंक को Basel III नॉर्म्स को पूरा करने और अपने बढ़ते लोन पोर्टफोलियो के लिए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत है। साथ ही, Expected Credit Loss (ECL) से जुड़े नए नियमों के तहत बैंक को अपना कैपिटल बफर मजबूत करना होगा। पहले मार्च 2026 में ₹750 करोड़ जुटाने की मंजूरी मिली थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
- डाइल्यूशन का खतरा: नई इक्विटी जारी होने से मौजूदा शेयरधारकों के लिए EPS (अर्निंग पर शेयर) पर दबाव आ सकता है।
- ब्रोकरेज और रिस्क: बाजार की नजर इस बात पर होगी कि बैंक इसे किस रूट (जैसे QIP) से जुटाता है और इसकी टाइमिंग क्या रहती है।
- डिविडेंड: इस फाइनेंशियल ईयर के लिए बैंक ने फिलहाल किसी भी डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है।
शेयरधारकों के लिए e-voting की प्रक्रिया 19 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक चलेगी, जो इसके भविष्य की दिशा तय करेगी।
