Jaiprakash Power Ventures Ltd ने नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (NARCL) के साथ समझौता किया है। कंपनी **₹511 करोड़** का भुगतान कर अपने खिलाफ चल रही इनसॉल्वेंसी (IBC) कार्यवाही को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ गई है।
कानूनी अड़चन से मुक्ति की कोशिश
Jaiprakash Power Ventures के निवेशकों के लिए यह एक बड़ी राहत भरी खबर है। कंपनी ने ₹511 करोड़ का सेटलमेंट एग्रीमेंट साइन किया है, जिससे फरवरी 2026 से चली आ रही इनसॉल्वेंसी की तलवार हटने की उम्मीद जगी है। हालांकि, यह सौदा अभी कुछ शर्तों के पूरा होने पर टिका है। जैसे ही कंपनी इन शर्तों को पूरा करेगी, IBC की कार्यवाही आधिकारिक तौर पर वापस ले ली जाएगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
यह समझौता कंपनी के ऊपर से कानूनी और फाइनेंशियल अनिश्चितता को हटाने की दिशा में पहला ठोस कदम है। बाजार इस खबर को काफी पॉजिटिव मान रहा है क्योंकि इससे कंपनी के बिजनेस पर मंडरा रहा बड़ा खतरा टलता हुआ दिख रहा है।
आगे क्या रहेगा अहम?
निवेशकों को अब इन महत्वपूर्ण पड़ावों पर नजर रखनी चाहिए:
- डेफिनेटिव एग्रीमेंट का निष्पादन (Execution)।
- समझौते में तय की गई सभी शर्तों की समय पर पूर्ति।
- ₹511 करोड़ का भुगतान और IBC केस की औपचारिक वापसी।
जब तक ये सभी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं, मामला पूरी तरह सुलझा हुआ नहीं माना जाएगा। कंपनी ने कहा है कि वह आगे के हर अपडेट से शेयर बाजार को अवगत कराएगी।
