Jackson Investments Share: मुनाफे में वापसी, पर रेगुलेटरी जांच का साया

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AuthorAditya Rao|Published at:
Jackson Investments Share: मुनाफे में वापसी, पर रेगुलेटरी जांच का साया

Jackson Investments Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में **₹228.85 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹86.24 लाख** के नुकसान के मुकाबले एक बड़ा टर्नअराउंड है। हालांकि, कंपनी फिलहाल ROC की जांच और NBFC लाइसेंस के मसलों से घिरी हुई है।

मुनाफे के पीछे का गणित

कंपनी के लिए यह साल घाटे से मुनाफे की तरफ बढ़ने वाला रहा है। इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे एक बड़ा कारण ₹142.51 लाख का ECL (Expected Credit Loss) प्रोविजन्स का रिवर्जल है। हालांकि, ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹56.03 लाख ही रहा है, जो यह दर्शाता है कि कोर बिजनेस अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

क्यों बढ़ी हैं निवेशकों की चिंताएं?

भले ही बैलेंस शीट में सुधार दिख रहा हो, लेकिन कंपनी के लिए रेगुलेटरी रास्ते आसान नहीं हैं। ऑडिटर्स ने कुछ गंभीर 'Emphasis of Matters' की ओर इशारा किया है:

  • ROC की जांच: रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) पुरानी लोन ट्रांजेक्शंस को लेकर जांच कर रही है।
  • NBFC लाइसेंस का अभाव: कंपनी फाइनेंस सेक्टर में काम कर रही है, लेकिन इसके पास अभी भी जरूरी NBFC लाइसेंस नहीं है।
  • इंटरनल कंट्रोल: ऑडिटर्स ने कंपनी के इंटरनल कंट्रोल सिस्टम और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में सुधार की जरूरत बताई है।

आगे की राह और रिस्क

फिलहाल कंपनी ने किसी भी डिविडेंड का ऐलान नहीं किया है, क्योंकि वे कैपिटल कंजर्वेशन पर जोर दे रहे हैं। निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क ₹437 लाख का आउटस्टैंडिंग एडवांसेज है, जिसकी रिकवरी पर सबकी नजरें टिकी होंगी। साथ ही, कंपनी की ₹29.07 करोड़ की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के बीच, आगामी AGM में मैनेजमेंट के फैसलों पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.