Jackson Investments ने सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **₹0.07 करोड़** से बढ़कर **₹0.24 करोड़** हो गया है, लेकिन कामकाज से हुई आय में गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे के पीछे का सच
कंपनी ने भले ही ₹0.24 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया हो, लेकिन इस सुधार के पीछे मुख्य कारण 'अदर इनकम' है, जो ₹0.32 करोड़ रही। वहीं, ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹0.15 करोड़ से घटकर ₹0.11 करोड़ पर आ गया है।
ऑडिट रिपोर्ट के बड़े संकेत (Auditor Observations)
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर ने रिपोर्ट में 'Emphasis of Matter' के जरिए निवेशकों को सचेत किया है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC), पश्चिम बंगाल, पिछले लोन ट्रांजेक्शंस को लेकर कंपनी की जांच कर रहा है। इसके अलावा, ट्रेड रिसीवेबल्स और पेबल्स के कन्फर्मेशन अभी भी लंबित हैं।
ये रिस्क हैं बड़े
- शेयर एक्विजिशन: शेयरों की खरीद के लिए दिए गए ₹6.50 करोड़ के एडवांस का स्टेटस अभी भी अधूरा है।
- अनलिस्टेड निवेश: कंपनी के पास ₹16.34 करोड़ के अनलिस्टेड इक्विटी निवेश हैं, जिनकी वैल्यूएशन रिपोर्ट अभी तैयार की जा रही है।
- बैड लोन: कंपनी ने ₹3.82 करोड़ के लोन को क्रेडिट-इम्पेयर्ड माना है, जिसके लिए ₹1.26 करोड़ का प्रोविजन (ECL) किया गया है।
निवेशकों को अब ROC जांच के नतीजों और एसेट क्वालिटी से जुड़े अपडेट्स पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
