JSW Energy ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए **₹500 करोड़** के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। इस पर कंपनी **7.90%** सालाना ब्याज देगी और इसका टेन्योर **7 साल** का है।
फंड जुटाने की रणनीति
JSW Energy ने ₹500 करोड़ के अनसिक्योर्ड, लिस्टेड, रिडीमेबल नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) अलॉट किए हैं। इस इश्यू का मुख्य उद्देश्य कंपनी की लॉन्ग-टर्म कैपिटल जरूरतों को पूरा करना है। यह कदम जनवरी 2025 में बोर्ड द्वारा मंजूर की गई ₹3,000 करोड़ तक की कुल फंड जुटाने की योजना का हिस्सा है।
डील की बारीकियां (Key Terms)
इस इश्यू के तहत 50,000 डिबेंचर्स जारी किए गए हैं, जिनकी फेस वैल्यू ₹1,00,000 प्रति डिबेंचर है। इस पर 7.90% का एनुअल कूपन रेट तय किया गया है, जो कि 7.85% के बेंचमार्क पर 0.05% का स्प्रेड जोड़कर बनाया गया है। निवेशकों को ब्याज का भुगतान छमाही आधार पर (Half-yearly) मिलेगा, जिसकी शुरुआत 28 मार्च 2027 से होगी।
रिपेमेंट का प्लान
कंपनी ने कर्ज चुकाने के लिए एक स्ट्रक्चर्ड प्लान तैयार किया है। मैच्योरिटी 28 सितंबर 2033 को होगी, लेकिन प्रिंसिपल का भुगतान तीन बराबर किश्तों में किया जाएगा:
- पहली किश्त: 28 सितंबर 2031
- दूसरी किश्त: 28 सितंबर 2032
- तीसरी किश्त: 28 सितंबर 2033
निवेशकों के लिए जोखिम
चूंकि ये NCDs 'अनसिक्योर्ड' हैं, इसलिए इनके पीछे किसी भी एसेट का चार्ज नहीं है। निवेशकों को कंपनी की क्रेडिट प्रोफाइल और फाइनेंशियल हेल्थ पर भरोसा जताना होगा। बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशकों को भविष्य में कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो और कैश फ्लो पर नजर रखनी चाहिए।
