JPT Securities: कंपनी बंद करने की तैयारी, NBFC लाइसेंस लौटाएगी कंपनी और CFO ने दिया इस्तीफा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
JPT Securities: कंपनी बंद करने की तैयारी, NBFC लाइसेंस लौटाएगी कंपनी और CFO ने दिया इस्तीफा

JPT Securities ने अपना NBFC लाइसेंस स्वेच्छा से आरबीआई (RBI) को लौटाने का फैसला किया है। कंपनी की नेट वर्थ नकारात्मक हो चुकी है और कोई कमाई न होने के कारण यह कारोबार अब टिकाऊ नहीं रह गया है। इस बीच, कंपनी के CFO अरुण साहू ने भी इस्तीफा दे दिया है।

लाइसेंस सरेंडर का बड़ा फैसला

JPT Securities ने आरबीआई के PRAVAAH पोर्टल के जरिए अपना सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 6 अक्टूबर 2026 को बोर्ड ने इस पर अपनी मंजूरी दे दी है। कंपनी का साफ कहना है कि अब रेगुलेटेड फाइनेंशियल सर्विसेज का कारोबार चलाना उनके लिए मुमकिन नहीं है।

क्यों बंद हो रहा है कारोबार?

कंपनी लंबे समय से वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही थी। बोर्ड के अनुसार, इन कारणों से यह फैसला लिया गया:

  • नकारात्मक नेट वर्थ: कंपनी की नेट वर्थ खत्म हो चुकी है।
  • शून्य कमाई (Nil Income): पिछले कई क्वार्टर से कंपनी को कोई ऑपरेशनल इनकम नहीं हो रही है।
  • अव्यवहार्य संचालन: NPA क्लासिफिकेशन की समस्याओं और RBI के नियमों के तहत 'नेट ओन्ड फंड' (NOF) को बनाए रखने के लिए भारी कैपिटल की जरूरत थी, जिसे जुटा पाना अब संभव नहीं है।

नेतृत्व में बदलाव

कारोबारी उथल-पुथल के बीच, कंपनी के CFO अरुण साहू ने भी 6 अक्टूबर 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी बाकी बची एसेट्स (Assets) को कैसे मैनेज करेगी और क्या भविष्य में किसी तरह की रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) या लिक्विडेशन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जब तक आरबीआई औपचारिक रूप से लाइसेंस रद्द नहीं कर देता, तब तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी। अब निवेशकों को आरबीआई की ओर से आने वाले आधिकारिक नोटिस का इंतजार है, जिससे कंपनी के भविष्य के बिजनेस मॉडल या दिशा का पता चल पाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.