Ishan Dyes का नेट लॉस ₹7.11 करोड़, ऑडिटर ने लोन और इन्वेंटरी पर उठाए सवाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Ishan Dyes का नेट लॉस ₹7.11 करोड़, ऑडिटर ने लोन और इन्वेंटरी पर उठाए सवाल

Ishan Dyes & Chemicals ने FY26 में ₹7.11 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी को ₹1.09 करोड़ का मुनाफा हुआ था। ऑडिटर की रिपोर्ट में ₹14.60 करोड़ के एक तरफा लोन (related-party loan) और इन्वेंटरी वैल्यूएशन पर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।

Ishan Dyes के FY26 नतीजों पर ऑडिटर की 'क्वालिफाइड ओपिनियन'

Ishan Dyes and Chemicals ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए ₹7.11 करोड़ का शुद्ध घाटा (Net Loss) दर्ज किया है। पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) में कंपनी ने ₹1.09 करोड़ का मुनाफा कमाया था। इस बड़े उलटफेर के साथ, कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹3.00 के नेगेटिव में चली गई, जो पिछले साल ₹0.52 थी।

आय में आई बड़ी गिरावट

कंपनी के लिए एक और चिंताजनक खबर यह है कि FY26 में इसका रेवेन्यू (Revenue from Operations) 27.6% घटकर ₹73.47 करोड़ रह गया, जो FY25 में ₹101.47 करोड़ था। आय में इस कमी और अन्य कारणों से कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

ऑडिटर की रिपोर्ट ने बढ़ाई मुश्किलें

वित्तीय नतीजों के बीच, कंपनी के सांविधिक ऑडिटर, M/s A R Sulakhe & Co, ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) जारी किया है। इसका मतलब है कि ऑडिटर को कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग पर गंभीर संदेह हैं।

मुख्य चिंताएं ये हैं:

  • संबंधित पक्ष को लोन: ₹14.60 करोड़ का एक लोन Cluster Enviro Private Limited नामक संबंधित पार्टी को दिया गया है, जिसका अपना नेट वर्थ नेगेटिव है और कोई सक्रिय कारोबार भी नहीं है। ऑडिटर ने इस लोन के लिए कोई 'इंपेयरमेंट प्रोविजन' (impairment provision) न बनाने पर आपत्ति जताई है।
  • इन्वेंटरी का गलत वैल्यूएशन: ₹27.59 करोड़ की फिनिश्ड गुड्स इन्वेंटरी का वैल्यूएशन लागत से ऊपर 'नेट रियलाइजेबल वैल्यू' (net realizable value) पर किया गया है, जो अकाउंटिंग मानकों के खिलाफ है। ऑडिटर के अनुसार, इस गलत ट्रीटमेंट से नेट लॉस ₹2.85 करोड़ और बढ़ सकता था।

आगे क्या?

निवेशक अब कंपनी प्रबंधन से इस संबंधित पार्टी लोन की रिकवरी की संभावनाओं और इन्वेंटरी वैल्यूएशन के तरीके पर स्पष्टीकरण की मांग करेंगे। ऑडिटर की इस रिपोर्ट के बाद कंपनी के इंटरनल कंट्रोल्स और अकाउंटिंग नीतियों पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

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