Inventure Growth & Securities: मर्जर और डीमर्जर प्लान हुआ कैंसिल, RBI की मंजूरी नहीं मिली

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Inventure Growth & Securities: मर्जर और डीमर्जर प्लान हुआ कैंसिल, RBI की मंजूरी नहीं मिली

Inventure Growth & Securities ने अपने मर्जर और डीमर्जर के प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया है। कंपनी ने कहा है कि RBI से जरूरी मंजूरी न मिलने और प्लान की अव्यवहारिकता के चलते यह कदम उठाया गया है।

Inventure Growth & Securities ने क्यों लिया यह फैसला?

Inventure Growth & Securities Limited ने अपने प्रस्तावित स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Scheme of Arrangement) को वापस लेने का ऐलान किया है। इस स्कीम में कई कंपनियों का मर्जर (Merger) और डीमर्जर (Demerger) शामिल था। कंपनी ने सबसे पहले 4 अप्रैल 2025 को स्टॉक एक्सचेंज को इस प्लान की जानकारी दी थी।

स्कीम में क्या था?

इस विड्रॉ की गई स्कीम के दो मुख्य हिस्से थे। पहला, कंपनी अपनी सब्सिडियरी कंपनियों जैसे Inventure Finance Private Limited, Inventure Commodities Limited, Inventure Insurance Broking Private Limited, और Inventure Developers Private Limited को पेरेंट कंपनी Inventure Growth and Securities Limited में मर्ज करने वाली थी। दूसरा, कंपनी अपने 'लेंडिंग बिजनेस अंडरटेकिंग' को डीमर्ज करके अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी Inventure Wealth Management Limited को ट्रांसफर करने वाली थी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

यह विड्रॉवल एक नियोजित स्ट्रैटेजिक रीऑर्गनाइजेशन को रोक देता है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि इसका कोई फाइनेंशियल इम्पैक्ट (Financial Impact) नहीं होगा, लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से जरूरी अप्रूवल (Approval) हासिल करने में विफलता भविष्य के कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) के लिए रेगुलेटरी बाधाओं को उजागर करती है।

क्या है पूरा मामला?

Inventure Growth & Securities Limited एक फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी है जो अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए लेंडिंग, कमोडिटी ब्रोकिंग और इंश्योरेंस ब्रोकिंग जैसे कई बिजनेस में एक्टिव है। प्रस्तावित स्कीम का उद्देश्य कंपनी के कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाना था।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी ने कन्फर्म किया है कि स्कीम को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में फाइल नहीं किया गया था, इसलिए कोई लीगल प्रोसीडिंग (Legal Proceedings) पेंडिंग नहीं है। बिजनेस ऑपरेशन्स पहले की तरह ही चलते रहेंगे।

आगे क्या देखना है?

निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या Inventure Growth & Securities कोई वैकल्पिक रीस्ट्रक्चरिंग प्लान लाती है और जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल, खासकर RBI से, हासिल करने में कितनी सफल होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.