Inventure Growth & Securities ने अपना 31वां सालाना रिपोर्ट जारी किया है। कंपनी ने **₹3.85 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और अपनी पुरानी रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम को वापस ले लिया है। साथ ही, मैनेजमेंट ने नए बिजनेस स्ट्रैटेजी और लीडरशिप बदलावों का ऐलान किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़ों पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड लेवल पर रिवेन्यू ₹51.01 करोड़ रहा है, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹3.85 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, स्टैंडअलोन आधार पर रिवेन्यू ₹34.51 करोड़ और मुनाफा ₹1.54 करोड़ रहा है। इस बार कंपनी ने डिविडेंड का कोई ऐलान नहीं किया है।
लीडरशिप में बदलाव
बोर्ड ने Kanji Bachubhai Rita को अगले 3 साल के लिए फिर से चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है, जो 13 अगस्त, 2027 से प्रभावी होगा। इसके अलावा, Surji Damji Chheda को 30 सितंबर, 2032 तक के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है।
नई बिजनेस स्ट्रैटेजी
कंपनी अब ट्रेडिशनल ब्रोकिंग से आगे बढ़कर नए हाई-ग्रोथ सेक्टर्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
- इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए Algorithmic (Algo) Trading का विस्तार।
- SLBM (Securities Lending and Borrowing Mechanism) में नई शुरुआत।
- SME IPO सेगमेंट में बढ़ती सक्रियता, जैसा कि हाल ही में 'Crazy Snacks' के मामले में देखा गया।
- वेल्थ मैनेजमेंट, PMS और AIF सेवाओं पर कंपनी का जोर जारी है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
सालाना रिपोर्ट में SEBI, NSE और MCX की ओर से मिले पुराने शो-कॉज नोटिस और पेनल्टीज का जिक्र है। हालांकि कई मामले सुलझ गए हैं, लेकिन कुछ कानूनी विवाद अभी भी सुप्रीम कोर्ट या SEBI के पास पेंडिंग हैं। निवेशकों के लिए इन रेगुलेटरी मामलों पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि ये कंपनी के कम्प्लायंस का अहम हिस्सा हैं।
