IndusInd Bank ने सितंबर तिमाही के लिए अपने बिजनेस आंकड़े जारी कर दिए हैं। बैंक का नेट एडवांसेज सालाना आधार पर **11.2%** बढ़कर **₹3,62,393 करोड़** हो गया है, जबकि कुल डिपॉजिट में भी **10.1%** की वृद्धि दर्ज की गई है।
बिजनेस ग्रोथ के आंकड़े
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक ने शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक के नेट एडवांसेज ₹3,62,393 करोड़ तक पहुंच गए हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11.2% अधिक हैं। वहीं, टोटल डिपॉजिट ₹4,29,038 करोड़ रहे, जिसमें 10.1% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है।
CASA में गिरावट का रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे गौर करने वाली बात बैंक का CASA (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) रेशियो है। यह पिछले साल के 30.7% से गिरकर अब 28.0% पर आ गया है। CASA रेशियो का कम होना इस बात का संकेत है कि बैंक के लिए फंड की लागत (Cost of Funds) बढ़ सकती है, क्योंकि ग्राहक अब सेविंग्स के बजाय टर्म डिपॉजिट की तरफ ज्यादा झुक रहे हैं।
RBI स्वैप और अन्य आंकड़े
बैंक ने RBI की FCNR(B) डिपॉजिट स्वैप सुविधा में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है और USD 3.51 बिलियन के डिपॉजिट जुटाए हैं। अन्य मुख्य आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- रिटेल और स्मॉल बिजनेस डिपॉजिट: ₹2,14,504 करोड़ (सितंबर 2026 तक)।
- FCNR(B) आउटस्टैंडिंग लोन (Gift City): USD 1.73 बिलियन।
- FCNR(B) स्टैंडबाय लेटर्स ऑफ क्रेडिट: USD 0.50 बिलियन।
आने वाले समय में, अगर डिपॉजिट का यह मिक्स इसी तरह बदलता रहा, तो बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव देखने को मिल सकता है।
