Indo Thai Securities के लिए सितंबर तिमाही के नतीजे निराशाजनक रहे हैं। कंपनी ने **₹35.83 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले क्वार्टर में कंपनी **₹11.03 करोड़** के मुनाफे में थी।
घाटे की असली वजह
कंपनी के नतीजों पर इस बार 'फेयर वैल्यू' (fair value) में बदलाव का बड़ा असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी को इस मद में ₹46.10 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही, ऑपरेशनल रेवेन्यू भी पिछले क्वार्टर के ₹20.62 करोड़ से गिरकर इस बार ₹7.56 करोड़ पर आ गया है।
कोर बिजनेस पर दबाव
सिर्फ अकाउंटिंग एडजस्टमेंट ही नहीं, बल्कि कंपनी का कोर ब्रोकिंग बिजनेस भी संघर्ष कर रहा है। ब्रोकरेज और इक्विटी सेगमेंट ने ₹42.81 करोड़ का सेगमेंट लॉस दर्ज किया है, जो बताता है कि कंपनी का मुख्य कारोबार चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है।
लिक्विडिटी और बैलेंस शीट
इतने बड़े नुकसान के बावजूद कंपनी की लिक्विडिटी पोजीशन मजबूत बनी हुई है। 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी की टोटल एसेट ₹333.73 करोड़ रही। वहीं, कैश और बैंक बैलेंस ₹160.28 करोड़ के स्तर पर है, जो बाजार की उठापटक के बीच कंपनी को एक कुशन (cushion) देता है।
आगे क्या?
कंपनी ने साफ किया है कि वह लिस्टिंग रेगुलेशन के Regulation 32 का पूरी तरह पालन कर रही है और फंड के इस्तेमाल में कोई विचलन (deviation) नहीं हुआ है। हालांकि, निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या आने वाले समय में फेयर वैल्यू एडजस्टमेंट स्थिर होते हैं या बाजार की अस्थिरता कंपनी के पोर्टफोलियो पर आगे भी दबाव बनाए रखेगी।
