Indo Borax & Chemicals की रेटिंग पर इंडिया रेटिंग्स ने 'Rating Watch with Negative Implications' का ठप्पा लगा दिया है। कंपनी Kronox Lab Science Limited में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी कर रही है, जिसके चलते कर्ज और गिरवी रखे शेयरों का जोखिम बढ़ गया है।
रेटिंग पर क्यों आई आंच?
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) ने Indo Borax & Chemicals Ltd (IBCL) के बैंक लोन सुविधाओं को लेकर अपना आउटलुक बदल दिया है। कंपनी ने Kronox Lab Science Limited (KLSL) में 64.26% हिस्सेदारी लगभग ₹2,461.2 करोड़ में खरीदने का ऐलान किया है। साथ ही, बोर्ड ने 25.79% की अतिरिक्त हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर को भी मंजूरी दी है।
कर्ज का बढ़ता बोझ
अब तक कर्ज-मुक्त रही Indo Borax अब इस अधिग्रहण के लिए भारी कर्ज लेने की राह पर है। कंपनी इस डील के लिए ₹2,250 करोड़ का नया कर्ज लेगी। चिंता की बात यह है कि कंपनी ने ₹40 प्रति शेयर का बड़ा डिविडेंड (कुल ₹1,280 करोड़) देने का ऐलान किया है और ₹900 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) भी तय किया है। जानकारों का मानना है कि इन सब के चलते कंपनी की लिक्विडिटी पर काफी दबाव पड़ेगा।
प्रमोटर्स के लिए जोखिम
एक बड़ा रिस्क यह भी है कि अधिग्रहण के लिए लिए गए कर्ज को सुरक्षित करने के लिए प्रमोटर्स की 100% हिस्सेदारी को गिरवी (Pledge) रखा गया है। शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव प्रमोटर्स के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।
कंपनी की परफॉर्मेंस
FY27 की पहली तिमाही में IBCL ने ₹703.56 करोड़ का रेवेन्यू और 28.15% का EBITDA मार्जिन दर्ज किया था। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत और मेंटेनेंस के चलते पहले भी मुनाफे पर असर दिखा है। फिलहाल, निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इस नए कर्ज के बोझ को कैसे संभालती है और अधिग्रहण के बाद उसकी फाइनेंशियल स्थिति कैसी रहती है।
