इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार प्रदर्शन करते हुए **49.32%** की जोरदार बढ़ोतरी के साथ **₹1,659 करोड़** का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला है।
Detailed Coverage
IOB का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा
इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में इतिहास रचते हुए ₹1,659 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक तिमाही नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि (Q1 FY26) में दर्ज ₹1,111 करोड़ के मुकाबले 49.32% की जबरदस्त बढ़त है। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 14.21% बढ़कर ₹2,693 करोड़ रहा।
एसेट क्वालिटी में सुधार, कैपिटल बढ़ाने की योजना
बैंक की एसेट क्वालिटी में भी अहम सुधार देखा गया है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) घटकर 1.33% पर आ गया है, जो पिछले अवधियों से बेहतर है। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) भी सुधरकर 0.18% हो गया है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 19.36% दर्ज किया गया है।
इन सबके बीच, IOB ने कैपिटल बढ़ाने की एक बड़ी योजना को भी मंजूरी दी है। बैंक इक्विटी (Equity) के जरिए ₹5,000 करोड़ और टियर 2 बॉन्ड्स (Tier 2 Bonds) के जरिए ₹1,000 करोड़, यानी कुल ₹6,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह फंड चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी या चौथी तिमाही में किस्तों में जुटाया जाएगा।
क्यों है यह खबर अहम?
यह रिकॉर्ड मुनाफा बैंक की बढ़ती ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और मजबूत एसेट क्वालिटी को दर्शाता है। यह पॉजिटिव ट्रेंड निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकता है और स्टॉक परफॉरमेंस को भी सपोर्ट कर सकता है। एसेट क्वालिटी में सुधार जोखिम प्रबंधन (Risk Management) में बैंक की बढ़ती कुशलता का संकेत देता है।
क्या हैं जोखिम?
हालांकि, एक बात जिस पर नजर रखनी होगी, वह है स्पेशल मेंशन अकाउंट्स (SMA) 2 में तिमाही-दर-तिमाही ₹500 करोड़ की बढ़ोतरी। यह पोर्टफोलियो के एक ऐसे हिस्से का संकेत देता है जिस पर संभावित तनाव के लिए निगरानी की आवश्यकता है। पूरे साल के लिए बैंक की क्रेडिट कॉस्ट गाइडेंस 0.35% से 0.40% के बीच रहने की उम्मीद है।
