Indian Overseas Bank (IOB) को SEBI से बड़ी राहत मिली है। बैंक अब अपने कर्मचारियों के लिए Employee Stock Purchase Scheme (ESPS) के तहत **10 करोड़** नए शेयर जारी कर सकेगा।
रेगुलेटरी अनुपालन की दिशा में बड़ा कदम
बैंक ने मार्केट रेगुलेटर SEBI से 'मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग' (MPS) नियमों को पूरा करने के लिए अनुमति मांगी थी। अब इस मंजूरी के बाद बैंक अपने पब्लिक फ्लोट को बढ़ाने की स्थिति में आ गया है। यह कदम 19 अक्टूबर 2026 की रेगुलेटरी गाइडलाइन्स के तहत उठाया गया है, ताकि बैंक SEBI (Share Based Employee Benefits and Sweat Equity) रेगुलेशन, 2021 के दायरे में आ सके।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
शेयरधारकों के लिए यह खबर मिली-जुली हो सकती है। जहां एक ओर यह बैंक के रेगुलेटरी संकट को सुलझाने में मदद करेगा, वहीं दूसरी ओर 10 करोड़ नए शेयरों के बाजार में आने से इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का असर देखने को मिल सकता है। इससे कंपनी की प्रति शेयर कमाई यानी EPS के आंकड़ों पर थोड़ा दबाव आ सकता है।
अब आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब बैंक बोर्ड की अगली मीटिंग पर है, जहां शेयरों की कीमत (Issue Price) और सब्सक्राइब करने की समयसीमा (Offer Period) का ऐलान किया जाएगा। इन डिटेल्स से यह स्पष्ट होगा कि बाजार में शेयरों की सप्लाई और डिमांड का संतुलन किस दिशा में जाएगा।
