Indian Bank के नतीजे उम्मीदों पर खरे उतरे हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **₹3,462 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे कोर ऑपरेटिंग ग्रोथ और वन-टाइम गेन्स से बड़ा सपोर्ट मिला है।
दमदार नतीजों का सफर
बैंक के तिमाही प्रदर्शन पर नजर डालें तो नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 14.71% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹7,000 करोड़ के पार निकल गया है, जो कि पिछले साल के मुकाबले 46.58% ज्यादा है। इस ग्रोथ में NSE में हिस्सेदारी बेचने से मिले ₹1,134 करोड़ के मार्क-टू-मार्केट गेन का भी अहम योगदान रहा है। अगर हम इस वन-टाइम गेन को हटा भी दें, तो भी बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 18% की दर से बढ़ा है।
क्यों है निवेशकों के लिए अहम?
बैंक मैनेजमेंट ने भविष्य को लेकर अपना भरोसा जताया है और अपनी ग्रोथ गाइडेंस को अपग्रेड किया है। अब बैंक 11-12% डिपॉजिट ग्रोथ और 13-14% एडवांसेज ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार और स्पेशल मेंशन अकाउंट (SMA) बुक का घटकर 4.19% पर आना बैलेंस शीट की मजबूती को दर्शाता है।
एसेट क्वालिटी और रिस्क
बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। ग्रॉस NPA गिरकर 1.61% और नेट NPA 0.14% पर आ गया है। वहीं कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 16.21% है, जिसे बैंक फाइनेंशियल ईयर के अंत तक 17.5% तक ले जाने की योजना बना रहा है।
हालांकि, इन्वेस्टर्स को 'हेल्ड-टू-मैच्योरिटी' (HTM) बुक के वैल्यूएशन और बॉन्ड यील्ड्स में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी, क्योंकि ये इंडस्ट्री-वाइड चुनौतियां बनी हुई हैं।
डिजिटल भविष्य की तैयारी
बैंक अब तकनीक के मोर्चे पर भी आक्रामक है। ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बैंक ने TARA (Trusted AI Relationship Assistant) और 'Smart Wealth' जैसे टूल्स लॉन्च किए हैं, ताकि रिटेल बैंकिंग को अधिक एफिशिएंट बनाया जा सके।
