Indiabulls Limited ने Phanes Limited और उससे जुड़ी इकाइयों को **36.55 करोड़** कन्वर्टिबल वारंट जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। **₹2** फेस वैल्यू वाले ये वारंट भविष्य में इक्विटी शेयरों में बदलेंगे, जिससे कंपनी की शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर और डाइल्यूशन पर असर पड़ना तय है।
वारंट आवंटन का गणित
24 सितंबर, 2026 को कंपनी ने औपचारिक रूप से वारंट जारी करने का काम पूरा किया। इसमें Phanes Limited को 22.52 करोड़ वारंट मिले हैं, जबकि समीर गहलोत और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों (PACs) के समूह को 14.02 करोड़ वारंट आवंटित किए गए हैं।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
यह कदम कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल देता है। 28 सितंबर, 2026 तक कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल 233.22 करोड़ शेयर है। हालांकि, इन नए वारंट्स और मौजूदा ESOPs के बाद, डाइल्यूटेड शेयर कैपिटल लगभग 573.97 करोड़ शेयरों तक पहुंच गई है। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि इससे अर्निंग पर शेयर (EPS) की गणना पर सीधा असर पड़ेगा।
शेयरहोल्डिंग पर प्रभाव
प्रमोटर ग्रुप अपनी हिस्सेदारी और वारंट्स कन्वर्जन के जरिए लगभग 39.45% डाइल्यूटेड शेयरहोल्डिंग की तरफ बढ़ रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि Phanes Limited के पास अभी कोई इक्विटी शेयर नहीं है, लेकिन 22.52 करोड़ वारंट्स के साथ, कन्वर्जन होते ही कंपनी में उनकी एक मजबूत हिस्सेदारी बन जाएगी।
आगे क्या रखें ध्यान?
निवेशकों को अब वारंट कन्वर्जन की समय-सीमा पर नजर रखनी चाहिए। जैसे-जैसे ये वारंट इक्विटी में बदलेंगे, कुल शेयर बेस बढ़ेगा, जिससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी डाइल्यूट हो सकती है। भविष्य में आने वाली कंपनी की डिस्क्लोजर रिपोर्ट और एक्सरसाइज प्राइस पर बारीक नजर बनाए रखना लंबी अवधि के वैल्यूएशन के लिए अनिवार्य है।
