India Shelter Finance ने वित्तीय वर्ष 2026 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹11,044 करोड़ रहा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) ₹503 करोड़ दर्ज किया गया। खास बात यह है कि कंपनी के फंड की लागत में भी कमी आई है।
India Shelter Finance ने FY26 में दमदार प्रदर्शन किया
ग्रॉस AUM ₹11,044 करोड़, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹503 करोड़।
मुख्य बातें: मजबूत AUM ग्रोथ और मुनाफा; टियर II/III बाजारों पर फोकस से विस्तार की अच्छी गुंजाइश।
क्या हुआ?
India Shelter Finance Corporation Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹11,044 करोड़ का ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 29% की ग्रोथ दिखाता है। कंपनी का FY 2025-26 के लिए प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹503.15 करोड़ रहा, जो FY 2024-25 के ₹377.87 करोड़ से एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है। कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹1,528.58 करोड़ हो गई, जो पिछले साल के ₹1,175.93 करोड़ से ज्यादा है।
यह क्यों मायने रखता है?
AUM और मुनाफे में यह मजबूत ग्रोथ बिजनेस की तगड़ी गति को दर्शाता है। फंड की लागत में 50 बेसिस पॉइंट की कमी आकर 8.2% पर आ जाना भविष्य के मार्जिन के लिए अच्छा संकेत है। कंपनी का टियर II और टियर III बाजारों पर फोकस, 307 ब्रांचों के विशाल नेटवर्क के साथ, और 99% सोर्सिंग अपने इन-हाउस मॉडल के जरिए होना, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट में पैठ बनाने की रणनीति को उजागर करता है।
बोर्ड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹10 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड की घोषणा भी की है।
बैकस्टोरी
India Shelter Finance Corporation एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है जो अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करती है। यह अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठा रही है। कंपनी की रणनीति विवेकपूर्ण ग्रोथ और कम सेवा वाले बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है।
अब क्या बदलेगा?
इन नतीजों के साथ, कंपनी अपनी ग्रोथ की राह पर कायम है। मैनेजमेंट का लक्ष्य 2030 तक ₹30,000 करोड़ का ग्रॉस AUM हासिल करना है और FY 2026-27 में 25-30% लोन ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य सालाना 15-20 बेसिस पॉइंट तक अपने ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (Opex) को ग्रॉस AUM के मुकाबले कम करना भी है।
जोखिम
हालांकि कंपनी ने फाइनेंशियल इकोसिस्टम के अन्य हिस्सों जैसे अनसिक्योर्ड लेंडिंग में कुछ तनाव देखा है, यह अपेक्षाकृत सुरक्षित दिखती है। हालांकि, बाजार की ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव एक निरंतर परिचालन कारक बना हुआ है।
पीयर तुलना
(फाइलिंग में कोई सीधी पीयर तुलना का डेटा नहीं दिया गया है)
संदर्भ मेट्रिक्स
- ग्रॉस AUM साल-दर-साल 29% बढ़कर ₹11,044 करोड़ हो गया।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹503.15 करोड़ रहा।
- रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 17.0% था।
- फंड की लागत 50 bps घटकर 8.2% हो गई।
- कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 56.4% था।
आगे क्या देखें?
निवेशक कंपनी की 2030 तक ₹30,000 करोड़ के AUM लक्ष्य की दिशा में प्रगति और आगामी वित्तीय वर्ष में 25-30% के बीच लोन ग्रोथ बनाए रखने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर पर व्यापक बाजार के तनाव के प्रभाव और कंपनी के लगातार ROE पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
