India Ratings & Research (Ind-Ra) ने Canara Bank के इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड और टियर-2 इंस्ट्रूमेंट्स की रेटिंग को 'IND AAA/Stable' बरकरार रखा है। सरकारी समर्थन और मजबूत मुनाफे के चलते बैंक की स्थिति स्थिर बनी हुई है, हालांकि डिपॉजिट कॉस्ट और CASA रेशियो को लेकर बैंक के सामने चुनौतियां अभी भी कायम हैं।
रेटिंग बरकरार रहने के मायने
India Ratings & Research ने Canara Bank के लॉन्ग-टर्म इश्यूअर, इंफ्रास्ट्रक्चर और टियर-2 बासेल III इंस्ट्रूमेंट्स के लिए 'IND AAA/Stable' रेटिंग को फिर से कन्फर्म किया है। इसके अलावा, बैंक के बासेल III AT1 बॉन्ड को 'IND AA+/Stable' रेटिंग दी गई है। यह रेटिंग इस बात का संकेत है कि बैंक एक सिस्टमिकली महत्वपूर्ण संस्थान बना हुआ है और भारत सरकार से इसे मजबूत समर्थन मिलने की संभावना है।
बैंक की परफॉर्मेंस पर एक नज़र (1QFY27)
निवेशकों के लिए यह रेटिंग कन्फर्मेशन क्रेडिट स्टेबिलिटी का एक बड़ा आधार है। बैंक ने हालिया तिमाही में बेहतर ऑपरेशनल प्रोग्रेस दिखाई है:
- Asset Quality: बैंक का ग्रॉस NPA 1.57% पर स्थिर है और ग्रॉस स्लिपेज गिरकर 0.15% पर आ गया है, जो बेहतर लोन बुक डिसिप्लिन को दिखाता है।
- Capital Buffer: CET1 रेशियो FY26 के 12.44% से बढ़कर 12.91% हो गया है।
- Profitability: तिमाही के लिए रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 1.04% रहा।
आगे की चुनौतियां
बैंक का CASA रेशियो अभी 29.7% पर है, जो मैनेजमेंट के FY27 के 32% के लक्ष्य से थोड़ा पीछे है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, डिपॉजिट्स जुटाने के लिए बैंक को कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग अपनानी होगी, जिसका असर सीधे नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर पड़ सकता है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि NIM पूरे साल के दौरान 2.50%-2.60% की रेंज में वापस आ जाएगा।
अगले कुछ समय में बैंक की डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और NIM रिकवरी पर बाजार की पैनी नजर रहेगी।
