NCLT ने India Radiators के Mercantile Ventures के साथ मर्जर को मंजूरी दे दी है। India Radiators के शेयर होल्डर्स को हर 36 शेयर के बदले Mercantile Ventures के 10 शेयर मिलेंगे। इस मर्जर से दोनों कंपनियों में तालमेल बढ़ेगा, लेकिन Mercantile Ventures के क्रेडिट रिस्क पर नज़र रखनी होगी।
NCLT का बड़ा फैसला
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), चेन्नई बेंच ने India Radiators Limited और Mercantile Ventures Limited के मर्जर की स्कीम को हरी झंडी दे दी है। NCLT का यह ऑर्डर 2 जुलाई, 2026 का है, और मर्जर की प्रभावी तिथि (Appointed Date) 1 जनवरी, 2025 तय की गई है।
मर्जर क्यों महत्वपूर्ण है?
इस मंजूरी के बाद India Radiators कानूनी और ऑपरेशनल तौर पर Mercantile Ventures का हिस्सा बन जाएगी। NCLT के ऑर्डर के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास फाइल होते ही India Radiators एक अलग कंपनी के तौर पर खत्म हो जाएगी, लेकिन वाइंड-अप नहीं होगी। इस मर्जर का मुख्य मकसद दोनों कंपनियों की संपत्तियों (Assets), कैश फ्लो और मैनपावर को मिलाकर लागत में कटौती करना और ऑपरेशनल तालमेल (Synergies) बढ़ाना है। India Radiators के सभी कर्मचारियों को Mercantile Ventures अपने साथ शामिल कर लेगी।
मर्जर की कहानी
दोनों कंपनियों ने मर्जर के लिए सभी जरूरी कानूनी और रेगुलेटरी प्रक्रियाओं का पालन किया है, जिसमें वैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करना और आवश्यक मंजूरियां हासिल करना शामिल है। यह मर्जर एक मजबूत और संयुक्त इकाई बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था।
आगे क्या बदलेगा?
NCLT का ऑर्डर RoC के पास दर्ज होने के बाद India Radiators Limited एक स्वतंत्र कानूनी इकाई के रूप में काम करना बंद कर देगी। India Radiators के शेयर होल्डर्स अब Mercantile Ventures के शेयर होल्डर्स बन जाएंगे। उन्हें India Radiators के हर 36 इक्विटी शेयर के बदले Mercantile Ventures के 10 इक्विटी शेयर मिलेंगे। दोनों कंपनियों के शेयरों का फेस वैल्यू ₹10 है।
जोखिम जिन पर रखें नजर
Mercantile Ventures के लिए 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की ऑडिटर रिपोर्ट में कुछ चिंताएं सामने आई हैं। ऑडिटर ने कुछ लोन और एडवांसेज के भुगतान में अनियमितताओं की ओर इशारा किया है, जिनकी कुल राशि ₹3.33 करोड़ है। Mercantile Ventures ने इन लोन के लिए ₹3.37 करोड़ का एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) प्रोविजन किया है। इसके अलावा, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी किसी भी वैधानिक देनदारी के मामले में कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखा है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब रिकॉर्ड डेट (Record Date) की घोषणा पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, जिसे दोनों कंपनियों के बोर्ड मिलकर तय करेंगे। मर्जर के बाद ऑपरेशंस का सफल एकीकरण (Integration) और Mercantile Ventures में पहचाने गए क्रेडिट रिस्क का प्रबंधन, संयुक्त इकाई के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
