India Home Loan ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए महज **₹0.01 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने मैनेजमेंट में बड़े बदलाव करते हुए नए COO और कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
सितंबर 2026 तिमाही के लिए कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर ₹0.01 करोड़ पर आ गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹0.07 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी ₹3.02 करोड़ से घटकर ₹2.95 करोड़ रह गया है।
नई टीम, नई उम्मीदें
कंपनी ने अपने ऑपरेशन्स को रफ्तार देने के लिए लीडरशिप में फेरबदल किया है। बोर्ड में मनमोहन जिंदल (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर), मितेश एम. पुजारा (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) और गणेश रुविकर (कंपनी सेक्रेटरी) को नियुक्त किया गया है।
ऑडिटर्स की चेतावनी और रिस्क
हालाँकि ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई है, लेकिन उन्होंने 'Emphasis of Matter' के जरिए साफ कर दिया है कि कंपनी को रेवेन्यू ग्रोथ बढ़ाने की सख्त जरूरत है।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें:
- AUM की स्थिति: कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले क्वार्टर के ₹48.58 करोड़ से गिरकर ₹47.31 करोड़ पर आ गया है।
- NPA का दबाव: ग्रॉस NPA 2.74% और नेट NPA 1.96% पर है।
- SARFESI एक्ट: कंपनी अपनी अटकी हुई संपत्तियों को रिकवर करने के लिए कानूनी रास्ते (SARFESI) का इस्तेमाल कर रही है।
कुल मिलाकर, कंपनी एक कठिन दौर से गुजर रही है और निवेशकों की नजरें अब इस पर होंगी कि नई मैनेजमेंट टीम घटते मुनाफे और AUM के ट्रेंड को कैसे पलटती है।
