India Finsec Ltd ने अपने फाइनेंशियल ईयर **2026** के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **NBFC-ICC** से खुद को एक अनरजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) में बदल लिया है और इस साल मुनाफा **₹18.13 करोड़** से बढ़कर **₹21.67 करोड़** हो गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने अपनी 32वीं एनुअल रिपोर्ट पेश की है, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹21.67 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, कंपनी की टोटल इनकम ₹86.08 करोड़ रही है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव (Strategic Shift)
कंपनी ने 17 जुलाई, 2025 से आधिकारिक तौर पर एक NBFC-ICC से खुद को एक अनरजिस्टर्ड कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) के रूप में रीस्ट्रक्चर किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अपने ग्रुप के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाना और अपनी सब्सिडियरी, IFL Finance Limited को NBFC-ICC में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
AGM और अहम फैसले
कंपनी ने अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को बुलाई है। यहाँ शेयरधारक कई अहम मुद्दों पर वोट करेंगे:
- गोपाल बंसल (Gopal Bansal) की मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्ति।
- सेक्शन 186 के तहत ₹500 करोड़ तक के निवेश, लोन और गारंटी के प्रस्तावों पर मुहर।
- IFL Finance Limited के साथ ₹200 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शंस को मंजूरी।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factor)
अब कंपनी एक होल्डिंग एंटिटी की तरह काम करेगी, जिसका मतलब है कि इसकी फाइनेंशियल हेल्थ अब पूरी तरह से इसकी सब्सिडियरी IFL Finance Limited के कामकाज पर निर्भर करेगी। कंपनी के बिजनेस मॉडल में आए इस बदलाव और भारी-भरकम इंटर-कंपनी ट्रांजेक्शंस पर निवेशकों को बारीक नजर रखने की जरूरत है।
