IndiGrid Infrastructure Trust ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **59%** बढ़कर **₹1,315 करोड़** पर पहुंच गया है और निवेशकों को **₹4.12** प्रति यूनिट का डिस्ट्रीब्यूशन (DPU) दिया जाएगा।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के मुख्य बिंदु
IndiGrid ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 59% की तेजी के साथ ₹1,315 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में 18.3% की वृद्धि देखी गई और यह ₹858 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने 250 MW के राजस्थान BESS बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट और मध्य प्रदेश के ईशानगर पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट को भी सफलतापूर्वक चालू कर लिया है।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
मैनेजमेंट ने डिविडेंड के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ₹16.48 प्रति यूनिट के वार्षिक गाइडेंस को बरकरार रखा है। साथ ही, हिमाचल प्रदेश में दो बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स के लिए EnerGrid के साथ ₹6,650 करोड़ तक की डील ने भविष्य की ग्रोथ पाइपलाइन को और मजबूत बना दिया है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज पर नजर रखनी चाहिए। वर्तमान में नेट डेट-टू-AUM अनुपात 60.4% पर बना हुआ है, जिसके लिए कंपनी को विस्तार के लिए पूंजी बाजारों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भविष्य में इन नए बड़े प्रोजेक्ट्स का निष्पादन और बैलेंस शीट पर इनका प्रभाव काफी मायने रखेगा।
डिस्ट्रीब्यूशन डीटेल्स
बोर्ड ने ₹4.12 प्रति यूनिट के डिस्ट्रीब्यूशन को मंजूरी दी है, जिसमें ₹3.1878 ब्याज के तौर पर और ₹0.9322 कैपिटल रीपेमेंट के रूप में शामिल हैं। इसके लिए 11 नवंबर, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है और भुगतान 18 नवंबर, 2026 तक कर दिया जाएगा।
