IndiGrid Infrastructure Trust ने अपने पोर्टफोलियो को व्यवस्थित करने के लिए पोस्टल बैलेट प्रक्रिया शुरू की है। इसमें कई HoldCos और SPVs के मर्जर के लिए निवेशकों से मंजूरी मांगी गई है, ताकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाया जा सके।
IndiGrid का पोर्टफोलियो कंसोलिडेशन प्लान
IndiGrid Infrastructure Trust ने अपने ऑपरेशंस को सरल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इस रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के तहत कई SPVs (Special Purpose Vehicles) और HoldCos को आपस में मर्ज किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए 6 अक्टूबर, 2026 से 27 अक्टूबर, 2026 तक ई-वोटिंग विंडो खुली रहेगी।
क्या है कंपनी की रणनीति?
कंपनी के बोर्ड ने इन मर्जर की सिफारिश की है ताकि कानूनी ढाँचे को आसान बनाया जा सके। इसमें RAPP Transmission, Purulia & Kharagpur Transmission और कई सोलर एंटिटीज शामिल हैं। कंपनी का मानना है कि अलग-अलग एंटिटीज को एक साथ जोड़ने से एडमिनिस्ट्रेटिव जटिलता कम होगी और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में भी आसानी होगी।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
यह कदम कंपनी के लॉन्ग-टर्म इंवेस्टमेंट गोल्स के साथ जुड़ा है। इससे कंप्लायंस और मैनेजमेंट की प्रक्रियाएं ज्यादा कुशल होंगी। यह पूरा मर्जर निवेशकों की मंजूरी पर निर्भर है, जिसके नतीजे 28 अक्टूबर, 2026 तक घोषित किए जाएंगे।
इंडिग्रिड ने पहले भी 4 जनवरी, 2024 को ऐसी ही एक रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया था। अब देखना होगा कि इस नए बदलाव के बाद कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर कैसा असर पड़ता है।
