IndiGrid Infrastructure Trust ने अपने कामकाज को रफ्तार देने के लिए **₹1,000 करोड़** का टर्म लोन एग्रीमेंट साइन किया है। बोर्ड ने इसे इसी साल मंजूरी दी थी, जिसे अब औपचारिक रूप दिया गया है।
लोन से बढ़ेगी कैपिटल फ्लेक्सिबिलिटी
कंपनी ने आधिकारिक तौर पर ₹1,000 करोड़ के टर्म लोन की सुविधा को फाइनल कर दिया है। यह लोन 12 फरवरी, 2026 को मिली बोर्ड की मंजूरी के बाद लिया गया है। इस फंड को अलग-अलग किस्तों (tranches) में निकाला जा सकेगा, जिससे ट्रस्ट को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के मैनेजमेंट में काफी आसानी होगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) होने के नाते, IndiGrid के लिए सही समय पर सही जगह फंड का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। इस नए लोन से कंपनी की लिक्विडिटी (liquidity) बढ़ेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि फंड की उपलब्धता से कंपनी को फिलहाल बाजार से इक्विटी जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे मौजूदा निवेशकों के शेयर पर डाइल्यूशन का दबाव नहीं आएगा।
रिस्क और ध्यान देने वाली बातें
निवेशकों को अब कंपनी की बैलेंस शीट पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि नया कर्ज लेने से कंपनी का लीवरेज प्रोफाइल (leverage profile) बदल जाएगा। आने वाली तिमाही रिपोर्टों में यह देखना जरूरी होगा कि कंपनी का Debt-to-Equity रेशियो क्या रहता है। साथ ही, चूंकि यह लोन फ्लोटिंग रेट पर हो सकता है, इसलिए ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटेबल कैश फ्लो पर पड़ सकता है।
आगे चलकर यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और इससे उनके इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) पर क्या असर पड़ता है।
