Indbank Merchant Banking Services के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 चुनौती भरा रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹7.09 करोड़** पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा **₹8.28 करोड़** था।
कंपनी के सामने इस बार ग्रॉस इनकम में भी कमी देखने को मिली है, जो गिरकर ₹25.15 करोड़ रही। कंपनी का मुख्य स्टॉक ब्रोकिंग बिजनेस दबाव में है, जिसकी वजह से ब्रोकिंग इनकम ₹16.57 करोड़ से घटकर ₹14.11 करोड़ रह गई है।
राहत की बात क्या है?
हालाँकि ब्रोकिंग कारोबार कमजोर रहा, लेकिन मर्चेंट बैंकिंग और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन जैसे फी-बेस्ड सेगमेंट्स में ग्रोथ देखी गई है, जिसने कंपनी के ओवरऑल परफॉरमेंस को सहारा दिया है। कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹1.91 से गिरकर ₹1.61 हो गया है।
डिविडेंड और आगे की राह
बोर्ड ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है। कंपनी का मैनेजमेंट नेटवर्थ मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। भविष्य में कंपनी कॉस्ट कंट्रोल, NPA की रिकवरी और अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो को बेचकर वैल्यू अनलॉक करने की दिशा में काम करेगी। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पूरी तरह क्लीन रहे हैं।
