Inani Securities ने अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बड़े कॉर्पोरेट बदलावों का ऐलान किया है। कंपनी ने अपनी लीडरशिप टीम में रीस्ट्रक्चरिंग की है और भविष्य के ऑपरेशंस के लिए उधार लेने की सीमा (Borrowing Limit) को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
लीडरशिप में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपनी कमान में बड़ा फेरबदल करते हुए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। श्री लक्ष्मीकांत इनानी अब मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से हटकर होल-टाइम डायरेक्टर की भूमिका संभालेंगे। वहीं, पहले एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे श्री विष्णुकांत इनानी को कंपनी का नया मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
नई रणनीति और बॉरोइंग लिमिट
AGM में रखे गए प्रस्तावों के अनुसार, कंपनी ने 'कंपनीज एक्ट' की सेक्शन 180(1)(c) के तहत अपनी बॉरोइंग लिमिट को बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, कंपनी की संपत्तियों (Properties) को बेचने के लिए बोर्ड को विशेष अधिकार देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। यह कदम कंपनी की भविष्य की ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और कैपिटल मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजर अब स्क्रूटिनाइजर सुश्री पद्मा लोया द्वारा फाइनल किए जाने वाले वोटिंग परिणामों पर है। इन नतीजों से साफ होगा कि नए MoA/AoA और लीडरशिप बदलाव पर शेयरहोल्डर्स की अंतिम मुहर लग गई है या नहीं।
