Inani Securities ने अपनी 32वीं AGM की घोषणा कर दी है, जिसमें मुंबई और हैदराबाद की प्रॉपर्टीज बेचने और कर्ज की सीमा बढ़ाकर **₹100 करोड़** करने का प्रस्ताव रखा गया है। कंपनी में लीडरशिप बदलाव के साथ-साथ गिरते मुनाफे पर भी चर्चा होगी।
मुनाफे में बड़ी गिरावट और फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर महज ₹7.57 लाख रह गया है, जो कि पिछले साल ₹57.10 लाख था। वहीं, टोटल इनकम भी ₹290.44 लाख से घटकर ₹183.62 लाख पर आ गई है।
AGM के अहम प्रस्ताव
23 सितंबर, 2026 को होने वाली 32वीं AGM में मैनेजमेंट कई बड़े फैसले लेने जा रही है:
- एसेट मोनेटाइजेशन: मुंबई और हैदराबाद स्थित कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज को बेचने की योजना है ताकि लिक्विडिटी बढ़ाई जा सके।
- उधार की सीमा: कंपनी अपनी बोररोइंग लिमिट को बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव पेश करेगी।
मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। Vishnukanth Inani को कंपनी का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बनाने की तैयारी है, जबकि Lakshmikanth Inani होल-टाइम डायरेक्टर की भूमिका निभाएंगे।
रेगुलेटरी और कंप्लायंस चुनौतियां
कंपनी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड रेगुलेटरी मोर्चे पर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। BSE और NSE की तरफ से कंपनी पर जुर्माने भी लगाए गए हैं, जिनमें से एक जुर्माना ₹50 लाख से ज्यादा का है। ये जुर्माना मुख्य रूप से देरी से फाइलिंग और नियमों के अनुपालन में चूक के कारण लगा था। मैनेजमेंट फिलहाल इन जुर्मानों को माफ कराने की दिशा में काम कर रहा है।
