ISL Consulting के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट लॉस बढ़कर **₹2.04 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू में **24.7%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
बिगड़ते वित्तीय हालात
बीते फाइनेंशियल ईयर के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में बड़ी गिरावट देखी गई है, जो ₹24.47 करोड़ से घटकर ₹18.58 करोड़ रह गया है। इस रेवेन्यू कॉन्ट्रैक्शन के चलते कंपनी का नेट लॉस भी पिछले साल के ₹1.73 करोड़ से बढ़कर ₹2.04 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने इस साल कोई डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव भी नहीं रखा है।
ऑडिटिंग और मैनेजमेंट में बदलाव
ऑपरेशनल चुनौतियों के बीच, कंपनी ने अपने स्टेटुटरी ऑडिटर M/s. Maak & Associates का इस्तीफा स्वीकार किया है। अब कंपनी ने M/s. G M C A & Co. को अगले 5 साल के लिए नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है।
रेगुलेटरी अपडेट और RBI रजिस्ट्रेशन
कंपनी फिलहाल RBI के साथ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में है। हालांकि, सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में कुछ रेगुलेटरी फॉर्म्स (DNBS-10 और DNBS-02) को फाइल करने में देरी की जानकारी दी गई है।
निवेशकों की नजर कहां हो?
कंपनी की 34वीं AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) 29 सितंबर 2026 को होनी है। इस मीटिंग में नए ऑडिटर की नियुक्ति पर मुहर लगेगी और RBI रजिस्ट्रेशन की प्रगति पर भी चर्चा संभव है, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस के लिए बेहद अहम है।
