IRFC के निवेशकों के लिए खुशखबरी है। GST अथॉरिटी ने कंपनी के खिलाफ ₹549.32 करोड़ की टैक्स डिमांड को पूरी तरह से रद्द कर दिया है, जिससे कंपनी के सिर से एक बड़ी फाइनेंशियल मुसीबत टल गई है।
टैक्स विवाद खत्म, कंपनी को मिली क्लीन चिट
GST अथॉरिटी से मिले इस अनुकूल आदेश के बाद IRFC की मुश्किलें खत्म हो गई हैं। दिल्ली जोनल यूनिट के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स ने औपचारिक रूप से यह पुष्टि की है कि कंपनी को जारी किया गया शो कॉज नोटिस (SCN) अब ड्रॉप कर दिया गया है। 23 अक्टूबर 2026 को जारी इस आदेश में डिमांड को 'निल' (Nil) माना गया है, यानी कंपनी को अब कोई भी पेमेंट नहीं करना है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
अक्सर टैक्स से जुड़े नोटिस कंपनी की बैलेंस शीट पर एक दबाव बनाए रखते हैं, जो शेयर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। इस मामले में 'जीरो-लायबिलिटी' का फैसला आना कंपनी के लिए बड़ी जीत है। इससे IRFC अब अपना पूरा ध्यान रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने जैसे कोर ऑपरेशंस पर लगा सकेगी।
अब क्या होगा?
इस मामले के बंद होने के बाद अब IRFC को किसी भी तरह का प्रोविजन या पेमेंट करने की जरूरत नहीं है। यह ऑडिट चक्र पूरी तरह से निपट चुका है। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि भविष्य में किसी भी तरह के रेगुलेटरी अपडेट के लिए कंपनी की तिमाही फाइलिंग्स पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
