IRFC ने अपनी 'IRFC 2.0' रणनीति के तहत Damodar Valley Corporation (DVC) के साथ **₹4,200 करोड़** का बड़ा टर्म लोन एग्रीमेंट साइन किया है। अब कंपनी सिर्फ रेल ही नहीं, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को भी फंड करेगी।
₹4,200 करोड़ का बड़ा निवेश
Indian Railway Finance Corporation (IRFC) ने Damodar Valley Corporation (DVC) के साथ एक बड़ा टर्म लोन एग्रीमेंट किया है। इस फंडिंग का इस्तेमाल झारखंड और पश्चिम बंगाल में सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा। यह डील कंपनी के 'IRFC 2.0' विजन का मुख्य हिस्सा है, जो कंपनी को पारंपरिक रेलवे फाइनेंसिंग से आगे ले जाने की तैयारी है।
क्यों है यह रणनीतिक बदलाव?
इतिहास गवाह है कि IRFC मुख्य रूप से भारतीय रेलवे के लिए फंड जुटाने का काम करती रही है। लेकिन इस नई पार्टनरशिप के साथ, कंपनी ने अब इंफ्रास्ट्रक्चर के अन्य क्षेत्रों में कदम रखा है। इसका सीधा मकसद भारत के 2030 के 'नेट जीरो' कार्बन लक्ष्य में अपना योगदान देना है। यह प्रोजेक्ट्स रेलवे और पावर इकोसिस्टम के बीच तालमेल बिठाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
IRFC के लिए यह एक बड़ा बदलाव है। रेलवे से हटकर गैर-रेलवे कंपनियों को लोन देने से इसके रिस्क प्रोफाइल पर असर पड़ सकता है। हालांकि DVC एक बड़ी सरकारी कंपनी है, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी का एसेट-लायबिलिटी मॉडल भविष्य में कैसे मैनेज होता है।
आने वाले समय में, अगर यह डील सफल रहती है, तो IRFC अन्य सरकारी संस्थाओं के साथ भी ऐसे रिन्यूएबल एनर्जी पार्टनरशिप्स में शामिल हो सकती है।
