सरकारी कंपनी Indian Railway Finance Corporation (IRFC) को NSE और BSE ने नियमों के पालन न करने पर **₹13.72 लाख** का जुर्माना लगाया है। जून तिमाही में बोर्ड कंपोजिशन से जुड़ी शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण यह एक्शन लिया गया है।
जुर्माना क्यों लगा?
जून 2026 की तिमाही के दौरान IRFC बोर्ड के स्ट्रक्चर में कमियां पाई गईं। इसमें महिला डायरेक्टर की कमी और जरूरी कमेटियों—जैसे ऑडिट, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन और रिस्क मैनेजमेंट कमेटियों—में कोरम पूरा न होने जैसी समस्याएं शामिल हैं। कुल जुर्माना ₹13,72,340 तय किया गया है, जिसमें जीएसटी (GST) भी शामिल है।
कंपनी का क्या कहना है?
IRFC ने एक्सचेंज से जुर्माना माफ करने का अनुरोध किया है। कंपनी का तर्क है कि सरकारी कंपनी होने के नाते, बोर्ड में डायरेक्टरों की नियुक्ति पूरी तरह से 'रेल मंत्रालय' (Ministry of Railways) के अधिकार क्षेत्र में है। कंपनी ने यह भी याद दिलाया कि मार्च 2021 से दिसंबर 2025 के बीच भी ऐसी ही स्थितियों में उन्हें जुर्माना भरने से राहत मिली थी।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
हालांकि यह एक वित्तीय दंड है, लेकिन यह कंपनी की प्रशासनिक निर्भरता को दर्शाता है। यदि मंत्रालय से समय पर नियुक्तियां नहीं होती हैं, तो भविष्य में ऐसी नियामक नोटिस मिलने का रिस्क बना रहता है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या एक्सचेंज पिछली बार की तरह इस बार भी माफी देंगे या फिर यह कोई नया वित्तीय बोझ बनेगा।
