IRFC में बड़े बदलाव: नए डायरेक्टर (फाइनेंस) और CFO की हुई नियुक्ति, जानिए कब से लागू होगा नया चार्ज

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
IRFC में बड़े बदलाव: नए डायरेक्टर (फाइनेंस) और CFO की हुई नियुक्ति, जानिए कब से लागू होगा नया चार्ज

इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने अपने वित्त विभाग में बड़े फेरबदल का ऐलान किया है। कंपनी ने श्री रंजन चौधरी को डायरेक्टर (फाइनेंस) और सुश्री दीपा कोटनीस को CFO नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 30 जून, 2026 से प्रभावी होगी।

IRFC में नेतृत्व परिवर्तन: नए वित्तीय दिग्गजों की होगी एंट्री

भारतीय रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IRFC) ने अपने शीर्ष वित्तीय नेतृत्व में अहम नियुक्तियों की घोषणा की है। श्री रंजन चौधरी को कंपनी के नए डायरेक्टर (फाइनेंस) के पद पर नियुक्त किया गया है, वहीं सुश्री दीपा कोटनीस अब नई चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और की मैनेजेरियल पर्सनेल (KMP) होंगी। इन दोनों महत्वपूर्ण नियुक्तियों को 30 जून, 2026 से लागू माना जाएगा।

क्यों अहम हैं ये नियुक्तियां?

ये नियुक्तियां कंपनी के वित्तीय संचालन और सुशासन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों ही नियुक्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक अनुभव रखते हैं, जिससे IRFC की वित्तीय योजनाओं और फंड जुटाने की रणनीतियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह कंपनी की वित्तीय स्थिरता और विशेषज्ञता पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देता है।

अनुभव का खजाना

श्री रंजन चौधरी को वित्त, लेखा, लोन एप्रल और ट्रेजरी मैनेजमेंट में 29 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC), एनटीपीसी (NTPC), और फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ काम किया है।

दूसरी ओर, सुश्री दीपा कोटनीस, जो कि इंडियन रेलवे अकाउंट्स सर्विस की अधिकारी हैं, को पब्लिक फाइनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग और वित्तीय प्रबंधन में 27 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने साउथ वेस्टर्न रेलवे और बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन जैसी जगहों पर भी अपनी सेवाएं दी हैं।

क्या होगा बदलाव?

इन नई नियुक्तियों के साथ, श्री रणधीर सहाय अब डायरेक्टर (फाइनेंस) और CFO के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जाएंगे। श्री चौधरी और सुश्री कोटनीस अपने-अपने नए पदों पर कंपनी की वित्तीय रणनीति और संचालन को नई दिशा देंगे।

नियमों का पालन

IRFC ने पुष्टि की है कि ये नियुक्तियां कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और ऑडिट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की गई हैं। यह पूरी प्रक्रिया कंपनी अधिनियम, 2013 और SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के तहत पूरी तरह अनुपालन में है।

शेयरधारिता पर एक नजर

30 जून, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, श्री रंजन चौधरी के पास IRFC के 50 इक्विटी शेयर हैं, जबकि सुश्री दीपा कोटनीस के पास कंपनी के 1,000 इक्विटी शेयर हैं।

आगे क्या?

निवेशक अब यह देखने के लिए उत्सुक होंगे कि यह नई वित्तीय नेतृत्व IRFC की रणनीतियों को कैसे आकार देती है, खासकर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाने में इसकी भूमिका को लेकर।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.