सरकारी कंपनी IREDA ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **23%** बढ़कर **₹8,309 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में **10%** का इजाफा दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
IREDA ने इस बार अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का ग्रॉस लोन बुक बढ़कर ₹93,069 करोड़ पर पहुंच गया है। निवेशकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ने प्रति शेयर ₹0.75 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो पहले दिए गए ₹0.60 के अंतरिम डिविडेंड के अतिरिक्त है। कंपनी की नेट वर्थ भी बढ़कर ₹13,781.35 करोड़ हो गई है, जिसे QIP के जरिए मजबूती मिली है।
रेटिंग अपग्रेड और विस्तार
कंपनी के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर S&P Global Ratings द्वारा दी गई 'BBB (Stable)' रेटिंग है, जो भारत की सॉवरेन रेटिंग के बराबर है। इससे भविष्य में कंपनी की ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए सस्ती फंडिंग जुटाने की क्षमता बढ़ेगी। कंपनी ने ₹51,883 करोड़ के रिकॉर्ड लोन सैंक्शन किए हैं, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इसकी आक्रामक पैठ को दर्शाते हैं।
चुनौतियां और गवर्नेंस
शानदार नतीजों के बीच, कंपनी को कुछ कानूनी बाधाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। बोर्ड कंपोजिशन नियमों के पालन में चूक के कारण BSE और NSE ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है, जिसे माफ कराने के लिए मैनेजमेंट बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, कंपनी Gensol Engineering और Gensol EV Lease जैसे स्ट्रेस्ड एसेट्स के लिए दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है। हालांकि, कंपनी ने इस साल ₹338.65 करोड़ के बैड लोन की वसूली की है और Net NPA को पिछले साल के 1.35% से घटाकर 1.29% करने में सफलता पाई है।
