IREDA ने अपनी 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) सफलतापूर्वक आयोजित की है। शेयरधारकों ने डिविडेंड और फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दी, साथ ही कंपनी ने पहली बार अपनी ESG रिपोर्ट जारी की है।
AGM के मुख्य बिंदु
IREDA ने 29 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी 39वीं AGM का आयोजन किया। बैठक में मुख्य रूप से 7 एजेंडों पर वोटिंग हुई, जिसमें फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को अपनाना और अंतरिम डिविडेंड को कंफर्म करना शामिल था। साथ ही, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपनी पहली ESG रिपोर्ट भी लॉन्च की, जो कंपनी की पर्यावरण और सामाजिक पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाती है।
गवर्नेंस पर सवाल और मैनेजमेंट का रुख
मीटिंग के दौरान सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में कुछ गवर्नेंस कमियों का जिक्र किया गया, जिसमें बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी और बोर्ड मीटिंग में कोरम (Quorum) पूरा न होने का मामला सामने आया है।
इस पर मैनेजमेंट ने साफ किया कि IREDA एक सरकारी कंपनी है, इसलिए डायरेक्टर्स की नियुक्ति का अधिकार भारत के राष्ट्रपति और मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी (MNRE) के पास है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि वे मंत्रालय के साथ मिलकर इन कमियों को जल्द दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति और बोर्ड कमेटी का स्ट्रक्चर कब तक नियमों के मुताबिक नॉर्मलाइज होता है। कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार कंपनी की स्टेबिलिटी के लिए बेहद जरूरी है।
