सरकारी कंपनी IREDA पर SEBI के नियमों का पालन न करने के कारण BSE और NSE ने **₹14.19 लाख** का जुर्माना लगाया है। कंपनी का कहना है कि डायरेक्टरों की नियुक्ति उसके हाथ में नहीं है, बल्कि यह सरकार के अधीन है।
क्या है पूरा मामला?
इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) को जून 2026 तिमाही में SEBI के 'Listing Obligations and Disclosure Requirements' का पालन न करने के लिए BSE और NSE की ओर से ₹14.19 लाख का भारी जुर्माना भरना पड़ा है। यह मामला मुख्य रूप से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिट कमेटी में जरूरी कंपोजिशन (Composition) की कमी से जुड़ा है।
कंपनी का क्या है पक्ष?
चूंकि IREDA एक सरकारी उपक्रम (Government of India enterprise) है, इसलिए कंपनी का अपना कहना है कि इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) की नियुक्ति का फैसला Ministry of New and Renewable Energy (MNRE) के पास है। इसी वजह से कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों से जुर्माने को माफ करने (Waiver) की औपचारिक अपील की है।
अब आगे क्या होगा?
1 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग के बाद कंपनी ने MNRE से जल्द से जल्द जरूरी नियुक्तियां, जिनमें एक महिला डायरेक्टर भी शामिल हैं, पूरी करने की गुहार लगाई है। फिलहाल कंपनी सरकार के एक्शन और रेगुलेटरी फीडबैक का इंतजार कर रही है।
निवेशकों के लिए रिस्क
अगर सरकार की ओर से नियुक्तियों में और देरी होती है, तो कंपनी पर आने वाले समय में फिर से जुर्माना लग सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे MNRE की तरफ से आने वाले अपडेट्स पर पैनी नजर रखें, क्योंकि यही इस मामले को सुलझाने की चाबी है।
