IRB InvIT Fund ने जून 2026 तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा **₹794.44 मिलियन** रहा है, साथ ही प्रति यूनिट **₹1.625** का डिविडेंड और नए टोलवे एसेट्स के अधिग्रहण की घोषणा की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही के लिए IRB InvIT Fund ने अपने वित्तीय आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹4,746.34 मिलियन हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹2,851.95 मिलियन था। हालांकि, बढ़ते खर्चों के कारण नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹995.97 मिलियन से घटकर ₹794.44 मिलियन पर आ गया है। कंपनी के कुल खर्च ₹4,118.40 मिलियन तक पहुंच गए, जिसका मुख्य कारण नए BOT और HAM प्रोजेक्ट्स से जुड़ा मैनेजमेंट शुल्क (₹461.86 मिलियन) है।
पोर्टफोलियो का विस्तार
कंपनी अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दे रही है। 2 जुलाई 2026 को इन्वेस्टमेंट मैनेजर ने Solapur Yedeshi Tollway Limited (SYTL) और CG Tollway Limited (CGTL) को प्राइवेट InvIT से खरीदने के लिए मंजूरी दे दी है। इस बीच, बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹1.625 प्रति यूनिट का चौथा डिस्ट्रीब्यूशन घोषित किया है, जो कंपनी की मजबूत कैश फ्लो स्थिति को दर्शाता है।
NHAI के साथ कानूनी पेंच
ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती National Highways Authority of India (NHAI) के साथ चल रहा विवाद है। 25 जून 2026 को आए एक फैसले के तहत सब्सिडियरी कंपनी IRB Tumkur Chitradurga Tollway Limited को ₹12,376.13 मिलियन चुकाने का आदेश दिया गया है। इसमें से कंपनी ने ₹8,371.75 मिलियन की लायबिलिटी पहले ही मान ली है, लेकिन बाकी बचे ₹4,004.38 मिलियन को कंपनी कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
फिलहाल, NHAI के साथ जारी यह कानूनी लड़ाई निवेशकों के लिए सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है। इस मामले का नतीजा यह तय करेगा कि कंपनी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा या नहीं, जिसका सीधा असर भविष्य में मिलने वाले डिविडेंड और डेट प्रोफाइल पर पड़ सकता है।
